संविधान दिवस म राजभवन म कार्यक्रम संपन्न

विधि अऊ संविधान के खांटी जानकार मन करिन भारतीय संविधान के विशेषता मन उपर चर्चा
भारतीय संविधान हर दृष्टि ले संपूर्ण: प्रमुख लोकायुक्त श्री शर्मा

रायपुर, संविधान दिवस म आज राजभवन म आयोजित कार्यक्रम म विधि अऊ संविधान के खांटी जानकार मन ह भारतीय संविधान के विशेषता अऊ प्रावधान मन उपर विस्तार ले चर्चा करिन। उमन भारतीय संविधान ल हर हालत के सामना करे म सक्षम बताइन। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ उच्‍च न्यायालय के पहिली न्यायाधीश अउ छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकायुक्त श्री टी. पी. शर्मा ह संविधान के प्रस्तावना के पाठन कराइन। उमन कार्यक्रम म उपस्थित मनखे मन ल संविधान के प्रावधान मन के पालन करे के शपथ घलोक देवाइन। कार्यक्रम म हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति न्यायमूर्ति श्री सी.बी. वाजपेयी, छत्तीसगढ़ शुल्‍क विनियामक समिति के अध्यक्ष अउ छत्तीसगढ़ उच्‍च्‍ न्यायालय के पहिली न्यायाधीश श्री अनिल शुक्ला, छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष श्री महेन्द्रपाल सिंघल, राज्य शासन के विधि विभाग के प्रमुख सचिव श्री रविशंकर शर्मा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के. पाटील, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री केशरीलाल वर्मा अउ राजभवन के विधिक सलाहकार श्री एन. के. चन्द्रवंशी घलोक कार्यक्रम म उपस्थित रहिन।
मुख्य अतिथि श्री टी.पी. शर्मा ह अपन उद्बोधन म कहिन कि भारतीय संविधान ल हम सब भारतवासी मन ह खुद अपन बर मिलके बनाय हवन अऊ एला अपनाए हवन। उमन कहिन के हर मनखे के जीवन म अनुभव सचेतक के काम करे हे। भारतीय संविधान देश के गुलामी के अनुभव के आधार म बनाये गए हे। हमार पूर्वज मन ह परतंत्रता के दौर म जऊन कष्ट सहे हें, ओ मन ल दूर करे बर हर समय प्रासंगिक रहइया संविधान के निर्माण करे गए हे। श्री शर्मा ह कहिन कि हर कुटुंब, गांव, राज्य अऊ देश ल चलाय बर विधि के जरूरत होथे। भारत के संविधान म जरूरत के मुताबिक हर पक्ष बर विधि के व्यवस्था करे गए हे। स्वतंत्रता, समानता, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य के संगें-संग सुरक्षा देहे के व्यवस्था घलोक करे गए हे। संविधान म धर्म निरपेक्षता के प्रावधान हे। ये मा सबो धर्म के समान रूप ले सम्मान करे अऊ कोनो धर्म के प्रति भेदभाव नइ करे के उद्देश्य निहित हे।
श्री शर्मा ह कहिन कि भारतीय संविधान हर दृष्टि ले संपूर्ण हे। ये संविधान कठोर होए के संगें-संग लचीला घलोक हे। संविधान म जरूरत के अनुसार संशोधन के प्रावधान हे। ए दृष्टि ले ये लचीला हे। इही विशेषता के सेती ये उपयोगी साबित होय हे। जऊन उद्देश्य मन ल लेके संविधान के निर्माण करे गीस, ओ सबो उद्देश्य ए संविधान ले पूरा होवत हे। देश के आजादी के पहिली के परिस्थिति मन के आधार म बने भारतीय संविधान भविष्य म घलोक उपयोगी होही। उमन कहिन कि भारतीय संविधान नागरिक मन के आचरण ल घलोक परिभाषित करे हे। संविधान म आम नागरिक मन बर एक कोति स्वतंत्रता अऊ समानता के अधिकार के प्रावधान करे हे, उहें दुसर कोति नागरिक मन के स्वच्छंद व्यवहार उपर नियंत्रण के प्रावधान हे। श्री शर्मा ह कहिन कि संविधान निर्माण समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति देश के हर मनखे के आस्था हे। श्री शर्मा ह संविधान दिवस के बधाई अउ शुभकामना देवत सबो मनखे मन ले संविधान के प्रावधान मन के पालन करे के अपील करिन।

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