फेर जितही रमन : जनता के हे कहना

छत्‍तीसगढ़ म हाले म होए चुनाव के फैसला ग्‍यारा तारीक को अवईया हे। सबो मनखे मन अपन-अपन मति के मुताबिक अपन पसंद के पार्टी के जीते के दावा करत हें। असल म कोन जीतही अउ कोन हारही ये तो उही दिन पता चलही फेर मुहा-चाही के आनंद लेके गदगद होए के मौका कोनो नई छोड़त हे। काली हमन बालोद जिला के जंगल कोति के एक ठन गांव के एक ठन मेला म गए रहेन, उहां आए अड़बड़ झन मनखे मन संग हम ये संबंध म घलव गोठ बात करेन। सुनव…

छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पहिली अध्यक्ष पं. श्यामलाल चतुर्वेदी के निधन

वरिष्ठ साहित्यकार, कवि अऊ पत्रकार पं. श्यामलाल चतुर्वेदी के आज बिहनिया उंखर गृहनगर बिलासपुर के एक प्राइवेट अस्पताल म निधन हो गीस। पद्मश्री अलंकरण ले सम्मानित श्री चतुर्वेदी छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पहिली अध्यक्ष रहिन। उमन करीबन सात दशक तक छत्तीसगढ़ म आंचलिक पत्रकारिता अऊ साहित्य ल अपन मूल्यवान सेवा देहे रहिन।

श्रद्धेय स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया जी ल शब्दांजलि अउ स्वरांजलि

हिरदे ले जतका खुशी बर भाव नई ओगरय ओखर ले जादा खुद के, देस दुनिया, अपन राज के दसा दुर्दसा ल देख के ओगरथे। अउ वो भाव कथा, कहानी कविता, उपन्यास गीत संगीत के रूप म सबके आगू आथे। कोनो दिन रात मिहनत करके एक कलाकार बनथें त कोनो ल भगवान उपहार के रूप म वो कला दे रथे।भगवान ले उपहार के रूप म पाये अइसन कला के धनी के प्रत्यक्ष उदाहरण हमर छत्तीसगढ़ के माटी के पीरा ल अपन राज के गुरतुर बोली मा कविता, गीत, कहानी, उपन्यास के…