यूपी के ठग मन करयं एटीएम म सहयोग के बहाना ठगी

धर्मेन्‍द्र निर्मल के सार समाचार, गँवई गाँव के मनखे मन ल एटीएम चलाए के जादा जानकारी नइ राहय। एकरे फायदा उठावत, सहयोग के आड़ म अकेल्ला माइलोगन मन ले ठगी करइया अंतर्राज्यीय दल के दू झिन ठग मन ल पाटन पुलिस ह पेण्‍ड्रा रोड रेलवे स्टेशन म पकड़ के अबड़ बड़े सफलता हासिल करे हावयं। ये ठग मन ह बाहिर भागे के तियारी म रिहिने। आदित्य नगर निवासी विश्व प्रकाश दुबे ह उत्तरप्रदेश भदोही निवासी नागेन्द्र पाण्डेय अउ शिवप्रसाद मौर्य के संग मिलके ए काम ल पूरा करयं। इन्कर तीरन ले 58 हजार रूपिया नगदी के संगे संग कईठो बैंक के एटीएम कार्ड तको पुलिस ल मिले हे, उहेंचे शिवप्रसाद मौर्य के बैंक खाता म 40 हजार रूपिया तको जमा पाए गइस हे जेला सील कर दे हावय। ये तीनों आरोपी मन मिलके निचट चारे दिन म कुल 89 हजार के ठगी करे हावयं।



2017 म विश्व प्रकाश दुबे ल रइपुर पुलिस ह 420 के आरोप म कार्यवाही करत सेण्ट्रल जेल म बंद कर दिए रिहिसे। उहेंचे शिवप्रसाद मौर्य अउ नागेन्द्र पाण्डेय ल रइपुर गंज थाना के पुलिस ह लूट के मामला म सेण्ट्रल जेल भेजे रिहिसे। उहेंचे ये तीनों झिन के दोस्ती होए रिहिसे। तीनो झिन 2018 म जमानत छूटे रिहिने। तीन अप्रेल के इंखर पेशी रिहिसे। नागेन्द्र पाण्डेय अउ शिवप्रसाद मौर्य ह पेशी म आइस त विश्व प्रकाश दुबे के घर रात रूके रिहिने जिंहा इमन अपन ठगी के योजना बनाइन।



पाटन एसपी रोहित कुमार झा, एएएपी लखनलाल पटले अउ एसडीओपी राजीव शर्मा ह सेक्टर 6 स्थित कंट्रोल रूम म पुलिस वार्ता म बताइन कि पाटन के अनिता वर्मा ल एटीएम म सहायता करे के बहाना करके ओकर खाता ले 7 हजार रूपिया पार कर दिन। जब अनिता वर्मा ल ए बात के जानबा होइस त वो ह रिपोट लिखाइस। पुलिस जब एटीएम के सीसीटीवी कैमरा ल खंगालिस अउ ओकरे अधार म पहिली विश्व प्रकाश दुबे ल पकड़िस अउ ओकरे बताए हिसाब म पेण्ड्रारोड रेलवे स्टेशन ले नागेन्द्र पाण्डेय अउ शिवप्रसाद मौर्य ल पकड़िस। ए मन बाहिर भागे के तियारी म रिहिने। एमन बने पढ़े लिखे हे कहिथे।


चटकारा:-
बिसाहिन:- मंडल के टूरा के करस्तानी ल देख, बाहिर के पोसवा कुकुर ल शेर बनाके गाँव म किंजारत हे।
बस्सावन:- का करबे बहिनी, नानचुन लोहा के टंगिया के का औकात के वो ह बड़े जनिक रूख ल काट डरय फेर का करबे उही रूख के डारा हं बेंठ बनके टंगिया के कुला म घुसरे ओला संग देवत हे त रूख तो रूख वो ह तो सरी जंगल ल काट
डारही, ओइसने होवत घलो हे।



लउछरहा..