12 साल ले कम उमर के नोनी ल ज़बरन चूमना अऊ पोटारना ‘गंभीर यौन उत्पीड़न’ हो सकत हे

लाइव लॉ बेबसाइट के मुताबिक, सिक्किम हाई कोर्ट ह कहिस हे के 11 साल के कोनो नोनी ल ज़बरन चूमना अऊ ओला पोटारना पोकसो अधिनियम, 2012 के धारा 9m के तहत ‘गंभीर यौन अपराध’ हो सकत हे।
न्यायमूर्ति भास्कर राज प्रधान ह पोकसो अधिनियम के धारा 9m म एक मनखे ल दोषी मानत विशेष अदालत के फ़ैसला ल सही मानिस। केस रहिस के एक मनखे ह 11 साल के एक नोनी ल ज़बरन चूमे रहिस अऊ ओला पोटार लेहे रहिस। विशेष अदालत ह वो नोनी के बयान अउ ओखर एक सहेली के बयान म सही पाये रहिस।
12 साल ले कम उमर के नाबालिग़ ल अकेल्‍ला म कार के पाछू सीट म ज़बरदस्ती चूमना यौन हमले के अलावा कुछ अऊ नइ हो सकय। काबर के अइसन 12 साल ले कम उमर के लड़की के संग करे गीस तेकर कारन ये पोकसो अधिनियम के धारा 9m के तहत गंभीर यौन अपराध ये। हाई कोर्ट ह कहिस के नीचली अदालत ह जउन आरोपी ल पाँच साल के क़ैद के सज़ा देहे हे वो जायज़ हे।

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