बीज बोवई महापर्व बनिस जन आंदोलन : एक दिन म 52 हजार 900 किलोग्राम फलदार अऊ साग भाजी बीज के छिड़काव

  • बीज बोवई म 6 हजार 400 नग सीड बॉल के घलोक होइस उपयोग
  • बीज बोवई महापर्व म दू लाख मनखे मन ह लीन हिस्सा

रायपुर, छत्तीसगढ़ के जंगल मन म 11 जुलाई के दिन आयोजित बीज बोवई महापर्व म करीबन दू लाख मनखे मन ह हिस्सा लीन जेमां प्रदेश के सबो 34 वन मंडल मन के अंतर्गत 11 हजार 185 गांव मन म गठित 7 हजार 887 वन प्रबंधन समिति मन के सदस्य, वन अधिकारी अऊ जनप्रतिनिधि अऊ स्थानीय ग्रामीण सामिल होइन। वन विभाग के ये अभियान ल सब्बो मनखे मन ह एकेच दिन एक संग मिलके मूर्त रूप दीन। पूरा प्रदेश म 52 हजार 900 किलोग्राम फलदार अऊ साग भाजी बीज के छिड़काव करे गीस, जेमां 46 हजार 500 किलोग्राम फलदार वृक्ष के बीज, 6 हजार 400 किलोग्राम साग भाजी बीज अऊ 19 लाख 35 हजार 500 नग सीड बॉल के छिड़काव करे गीस। एला बीज बोवई महापर्व के नाम दे गीस अऊ वन विभाग कोति ले हरेक साल इही दिन अइसन आयोजन करे के निर्णय ले गीस।

इहां ये बताना जरूरी हे कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कोति ले वन्य प्राणी मन बर वन म आसानी ले भोजन उपलब्‍ध कराए के उद्देश्य ले वन क्षेत्र मन म फलदार वृक्ष प्रजाति मन के बीज मन के छिड़काव बर निर्देश देहे गे हे। एखर तहत वनमंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन म ये महाअभियान के शुरूआत करे गीस। प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी ह बताइस कि एकर उद्देश्य वन क्षेत्र मन म वन्य प्राणी मन बर भोजन के उपलब्धता सुनिश्चित करना हे ताकि वन्य प्राणी मन के प्राकृतिक रहवास ले उंखर पलायन रोके जा सकय। एखर अलावा वन क्षेत्र म फलदार वृक्ष मन ल बढ़वार देना घलोक हे। उमन बताइन कि ये अभियान ले वन प्रबंधन समिति ल वनेत्तर क्षेत्र मन म फलदार अऊ साग भाजी के वृक्षारोपण के माध्यम ले अकतहा आय घलोक अर्जित होही अऊ ग्रामीण क्षेत्र मन म फल के उपलब्धता होही जेखर से गांव वाले मन ल उचित पोषण घलोक मिलही। संगेच खुले वन क्षेत्र म फलदार प्रजाति मन के रोपण ले खुले वन जमीन के सदुपयोग घलोक होही।

ये अभियान बर फलदार वृक्ष मन के बीज के छिड़काव बर खुले वन क्षेत्र जिहां मिट्टी अच्छा होवय, जुन्ना वृक्षारोपण क्षेत्र अऊ अभी हाल म प्रस्तावित रोपण क्षेत्र, सीपीटी के मेड, जल मृदा संरक्षण बर निर्मित संरचना जइसे- कन्टुर ट्रेन्च, तालाब, स्टॉप डैम अऊ नदी नाला मन अऊ आन छोटे जल स्त्रोत अऊ अतिक्रमण बर संवेदनशील वन क्षेत्र अऊ बेदखल अतिक्रमित क्षेत्र मन के अऊ साग भाजी प्रजाति मन बर वन क्षेत्र ले बाहिर साग भाजी उत्पादन बर उपयुक्त जमीन के यचन करे गीस। चुने गए जमीन म फलदार अऊ साग भाजी बीज मन के बोवई के पाछू उंखर सुरक्षा अऊ रख-रखाव के दायित्व संबंधित वन प्रबंधन समिति सदस्य मन ल सौपे गीस। ए बीज मन म फलदार प्रजाति जइसे आमा, कटहल, जामून (चिरई जाम), बेर (बोइर), बेल, करौंदा वन क्षेत्र मन म अऊ लौकी (तूमा), बरबटटी, भिण्डी (रमकेरिया), बैगन (भांटा) जइसे साग भाजी प्रजाति मन सामिल हे।

बीज मनके बोवई बर सामान्य बीज के संगें-संग सीडबॉल के परयोग घलोक करे जात हे जेकर से कम लागत अऊ देख-भाल म स्वस्थ पौधा तियार हो सकय। राज्य के जम्‍मो वनमण्डल मन म कई ठन प्रजाति मन के 19 लाख 35 हजार 500 सीडबॉल तियार कर के बोवई करे गीस।

वन विभाग कोति ले दिये गए जानकारी के मुताबिक रायपुर वृत्त म 14775 कि.ग्रा. फलदार वृक्ष, 2757 कि.ग्रा. साग भाजी बीज अऊ 366734 नग सीड बॉल, दुर्ग वृत्त म 423 कि.ग्रा. फलदार वृक्ष, 278 कि.ग्रा. साग भाजी बीज अऊ 159766 नग सीड बॉल, सरगुजा वृत्त म 15406 कि.ग्रा. फलदार वृक्ष, 1058 कि.ग्रा. साग भाजी बीज अऊ 196200 नग सीड बॉल, बिलासपुर वृत्त म 3144 कि.ग्रा. फलदार वृक्ष, 324 कि.ग्रा. साग भाजी बीज अऊ 971230 नग सीड बॉल, जगदलपुर वृत्त म 4203 कि.ग्रा. फलदार वृक्ष, 402 कि.ग्रा. साग भाजी बीज अऊ 209798 नग सीड बॉल अऊ कांकेर वृत्त म 8575 कि.ग्रा. फलदार वृक्ष, 1637 कि.ग्रा. साग भाजी बीज अऊ 31774 नग सीड बॉल के छिड़काव करे गीस।

#Bij Bovai Mahaparv

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