नारी तैं नारायणी : बिकट परिस्थिति मन म घलोक कायम रहिस हौसला !

विष्णुचंद्र शर्मा, खरसिया। भारतीय संस्कृति ह शक्ति स्वरूपा नारी ल पूज्य माने हे। नारी के सम्मान ये देश म हर-हमेसा होना चाही, जऊन खुदे नारायणी स्वरूपा हे। तभो ले महिला दिवस के दिन ह विशेष रहिथे, नवा दौर ह हमर सनातन परम्‍परा के ये सम्मान ल एक दिवस विशेष म सीमित कर देहे हे। हम सब जानथन के नारी म तो वो शक्ति अछप होथे, जऊन सीमित साधन के बाद घलव बुलंदी ल छूए के ताकत रखथे। उंखर इही शक्ति ह हमर आगू म मां, बहिनी, बेटी अउ आन रिश्‍ता के रूप म आघू आथे अउ पूरा मानव समाज ल प्रेम, दया अउ सहानुभूति के मश बगराथे। अइसनहे शक्ति स्‍वरूपा हमरो तीर-तखार म रहिथें, फेर हम उंखर से अनजान बने रहिथन, आवव जानन अपन सहर-गांव के अइसन नारी मन ल, जेमन उलट परिस्थिति मन म घलोक खुद ल साबित कर देखाये हें-

डॉ.मीना शर्मा – डायरेक्टर संवेदना एजुकेशन
हर एक माता-पिता के सपना होथे के ऊंखर मयारू पढ़य-लिखय अऊ आगू बढ़य, फेर भगवान कभू-कभू, कोनो परिवार ल मानसिक तौर म विकलांग लइका सउंप देथे। अइसनहे लइका मन ल सामान्य लइका मन के जइसे बनाए बर सन 2009 ले संवेदना नाम के संस्था रायपुर म संचालित करइया डॉ. मीना शर्मा के जजबा ल सलाम हे। सरकार वइसे तो हजारों योजना बनाथे, फेर उंखर हकीकत कुछु अऊ होथे। हव जी, 10 बठर ले निस्वार्थ संचालित संवेदना संस्थान ल कोनो प्रकार के शासकीय सहायता अब तक नइ मिले हे। तभो ले हर कठिनाई ल परीक्षा समझ के ए लइका मन के भविष्य सम्‍हलईया श्रीमती शर्मा के हौसला सरलग बने हवय। उन्‍हें उंकर जजबा ये कहिथे के-

रोशनी तेज करो चांद सितारों अपनी ..
मुझे मंजिल तक पहुंचना है सहर होने तलक !

नीतू अग्रवाल -सीएमओ खरसिया
सारंगढ़ के बेटी ह पढ़-लिख के ऑफिसर बने के ठानिस, त पारिवार के बरजे के बाद घलव अपन मुकाम हासिल करिच लीस। वइसे तो मेडम 2005 म वैवाहिक बंधन म बंध गीस, फेर उमन अपन हौसला ला नइ बांधिन। उमन सबो दायित्व मन ल निभात 2014 म पीएससी के परीक्‍छा दीन अउ पास हो गीन। पीएससी म उंखर सीएमओ पोस्ट म चयन होइस डभरा, बरमकेला, पुसौर के बाद अब खरसिया म सीएमओ पद ल सुशोभित करत उमन अपन दायित्व बढि़या ढ़ग ले निभावत हें। शायर इंखरे बर कहे हें के-

शाखों से टूट जाएं वह पत्ते नहीं हैं हम
आंधी से कोई कह दे कि औकात में रहे !

दयंती कुजूर – आदर्श शिक्षिका
नवीन प्राथमिक शाला म अध्यापिका श्रीमती दयान्ति कुजूर ह जम्‍मो शासकीय शिक्षक मन ल सुग्‍घर एैना देखाये हे। ए दौर म अपन ड्यूटी ल बने सहिन पूरा नइ करईया कुछेक शिक्षक मन के बीच कुजूर मैम ह ना सिरिफ अपन दायित्व ल बनेच निभाये हे भलुक अपन कक्षा के लइका मन ल बेहतर शिक्षा अउ बेहतर माहौल देहे बर अपन खरचा म शासकीय स्कूल ल मॉडल स्कूल के रूप म बदले हें। ये सबके होवत घलव दुख हे के अइसन आदर्श शिक्षिका ल शिक्षा विभाग ह भरपूर सम्मान अभी तक नइ देहे हे। अइसन म इही कहिना ठीक होही के –

उसे गुमां है कि मेरी उड़ान कुछ कम है
मुझे यकीं है कि यह आसमान कुछ कम है !

सुलोचना देवी सिंह -अध्यक्ष सरपंच संघ
10 बछर ले ग्राम प्रमुख बनके गांव के बहुमुखी विकास म तत्पर सुलोचना सिंह गांव वाले मन ल उंखर हक देवाए बर सरलग प्रयासरत रहिथें। उहें सरपंच संघ के अध्यक्षता करत उमन 81 ग्राम पंचायत मन के सरपंच मन बर प्रेरणा बने हे।

श्रीमती सवरीन बाई -सरपंच परसापाली
मां-बहिनी-बेटी अऊ बहू के जम्‍मो दायित्व मन ल पूरा करत साक्षात ममता स्वरूपा सवरीन दीदी खेत मन म बोआई-रोपाई घलोक करथें, त कुशल नेतृत्व करत गांव के पूरा विकास घलोक करथें। दीदी दिखावा म नहीं, काम करे म यकीन रखथें। पूरा गांव म अइसन कोनो घर नइ हे, जिहां के सुख-दुख म इमन खड़ा नइ होवत होहीं। उन्‍हें ग्रामीण विकास के अइसन कोनो योजना नइ होही जेखर से परसापाली पंचायत म कोनो हितग्राही वंचित रहे होवय।

माधुरी पटेल -पीआरपी नवा-बिहान
ग्रामीण महिला मनल आर्थिक रूप ले सशक्त अउ स्वावलंबी बनाए बर शासन के महत्वाकांक्षी योजना नवा-बिहान ल विकासखंड के हर गांव तक पहुंचात माधुरी पटेल आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र ल जागरूक करे बर जुटे हें। राजधानी ले आके इहां के ज्यादातर अशिक्षित ग्रामीण महिला मन ल संगठित करके शासन के योजना मन ले लाभान्वित करावत हें।

अंबिका राठौर -डायरेक्टर ड्रीमजोन कम्प्यूटर
गृहस्थी के जम्‍मो दायित्व मन ल निभात पढ़ईया लईका मन ल तकनीकी शिक्षा देहे बर श्रीमती अंबिका राठौर कम्प्यूटर सेंटर संचालित करथें। उन्‍हें सामाजिक अउ राजनीतिक क्षेत्र म घलोक कदम ले कदम मिलाके चलथें।

हेमकुमारी सिदार -पंचायत सचिव
ग्रामीण क्षेत्र म अब महिला मन के स्थिति दोयम दरजा के हे, कहूं कोनो बेटी विकास के प्रक्रिया म सहभागिता करना चाहय त ओला सामाजिक आक्षेप के सामना करना होथे। फेर अपन जुनून के धनी हेमकुमारी दू बछर ले आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत तेंदूमूड़ी म ग्रामसचिव बनके पंचायत के विकास म भागीदारी निभावत हे।

मंजू सारथी -स्पोर्ट काम्पलेक्स केयरटेकर
अभाव मन के बीच खुद ल साबित करत मंजू सारथी ह ग्रेजुएशन करिस। उन्‍हें चार पइत राष्ट्रीय वॉलीबॉल स्पर्धा म खेलत एमजी कॉलेज अऊ नगर के मान बढ़ाइन। आप मन ल बता देवन के मंजू ल दिल्ली थलसेना कैंप म छत्तीसगढ़ ल बेस्ट शूटर के खिताब ले नवाजा गए रहिस। ए उपलब्धि बर ओ मन ल सन 2011 म राज्यपाल के हाथ सम्मानित होए के मौका घलोक मिले रहिस।

लउछरहा..