रिमोट सेंसिंग ले दावानल ले सुरक्षित होवतहे छत्तीसगढ़ के जंगल

वन विभाग ह आधुनिकम सेटेलाइट प्रणाली ले आगीी के फैलाव उपर करत हे काबू
सिरिफ 30 मीटर के दायरा म आगी फैलतेच मिल जाथे सूचना

रायपुर, महासमुंद जिला के बसना रेंज के सर्किल रामभाठा के बीट सोनबाहली म मार्च महीना म आगी लग गीस। जब आगी 100 मीटर के दायरा म फैलिस वैसनहेच देहरादून म भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान म बइठे खांटी जानकार मन ल सैटेलाइट इमेज ले एखर सूचना मिल गीस। तुरंते एखर सूचना रायपुर मुख्यालय अऊ सीधा रेंज के अधिकारी मन के संग बीटगार्ड तक पहुंच गीस। आधा घंटा म अग्निशमन अमला इहां पहुंच गीस। अऊ जंगल के बड़का हिस्सा आगी ले सुरक्षित बच गीस। ये आगी 2 साल पहिली लगे होतिस त कई कि.मी. तक फैल गए होतिस।




असनहे ए जिला के सरायपाली के पालीडीह बीट म घलोक अपरेल महीना के शुरूच म आगी लगे के जानकारी मिलिस अऊ अमला ह आगी उपर काबू पाके ओखर फीडबैक घलोक दे दीस। नवा सिसटम प्रदेश के जंगल मन बर वरदान बनके आए हे। एखर से आगी ल काबू करे म जमीनी सफलता मिलत हे।

हमार प्रदेश के वन क्षेत्र मन म आगी लगे के कई ठन घटना आघू आत रहिथे। एकर फैलाव ल लउहे रोक नइ पाय के सेती वन संसाधन मन ल अड़बड़ नकसान पहुंचथे। विभाग कोति ले अभी हाले म पाछू दू बछर ले अपनाए गए आधुनिकतम सेटेलाइट प्रणाली ले 30 मीटर म लगे आगी के घलोक सूचना मिल जात हे। पहिली के सेटेलाइट प्रणाली ले 01 किलोमीटर के भीतर लगे आगी के सूचना मिलत रहिस। देहरादून स्थित भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान म वन मुख्यालय के अधिकारी मन संग रेंज के अफसर मन अऊ बीट गार्ड के घलोक नंबर पंजीकृत हे। उहां ले ओ मन ल संदेस मिलथे अऊ मिले सूचना के आधार म आगी उपर काबू पाए के कार्यवाही एकदमेच लउहे करे जात हे।




आगी बुझाए बर अमला ल अग्नि पट्टिका, ब्लोअर आदि उपकरण देहे गए हे, जेखर से आगी बुझाए जाथे। एखरे संग फायर लाइन ल घलोक ब्रेक कर दे जाथे। एखर से आगी के फैलाव रूक जाथे। अमला कोति ले करे गए कार्रवाई के फीडबैक रिपोट सरलग उही दिन वन मुख्यालय म दे दिए जाथे। ये सब के सेती वन अमला सजग रहिथे अऊ आगी के फैलाव नइ हो सकय।

जंगल विभाग ह येकर अलावा आगी रोकने बर निरोधक उपाय घलोक अपनाथे। वइसे 15 फरवरी ले 15 जून तक फायर सीजन माने जाथे। ए बेरा के पहिलिच वन विभाग ह वन क्षेत्र म चिन्हित अग्नि पट्टी मन ल ब्रेक कर दे जाथे, जेखर से आगी के फैलाव नइ हो पाए। वन क्षेत्र मन म वन प्रबंघन समिति मन घलोक काम करत हें, जेकर सदस्य घलोक येमा मदद करथें। एखर अलावा बड़े स्तर म आगीजनी के घटना होए म प्रशासन के मदद लहे जाथे। येकरो बर आधुनिक अग्निशमन उपकरण मन के मदद ले आगी बुझा देहे जाथे।




वन विभाग कोति ले एक राज्य स्तरीय समिति बनाये गए हे। जउन ह बेरा-बेरा म राज्य के वन क्षेत्र मन म आगीजनी अऊ उंखर ले होवइया नकसान के समीक्षा करथे। सर्किल स्तर म घलोक अइसनहे समिति के गठन करे जात हे, जऊन ह अइसन घटना उपर नजर रखही अऊ समीक्षा घलोक करही।



लउछरहा..