छेरी पालन ले बिरनबाई अऊ अंकल्हा के जीवन म आइस खुशहाली

कवर्धा, रोजगार देहे के संग मनखे मन बर सुविधा अऊ साधन के विस्तार करना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के उद्येश्य हे। ये योजना ले लाभ लेके सुविधा मन म विस्तार करे के ये कहानी ग्राम दानीघटोली के निवासी बिरन बाई पति अंकल्हा के हे। बकरी (छेरी) पालन के पुस्तैनी काम म लगे ये परिवार पहिली बकरी के शेड नइ होए म परेशानी महसूस करत रहिन। दिनभर बकरी मन के देखरेख म पूरा समय चले जात रहिस। जेखर कारण मनरेगा योजना म काम करे के घलोक समय नइ मिल पात रहिस। बिरन बाई ल ग्राम सभा ले पता चलिस के घर के जानवर मन ल रखे बर रोजगार गारंटी योजना ले शेड निर्माण के काम हो सकत हे। बस फेर का रहिस, बिरन बाई अऊ ऊंखर पति अंकल्हा ह मन ही मन ये तय कर लीस के अपन बकरी मन ल घाम, बसरा, अऊ जाड़ ले बचा के स्वस्थ्य अऊ सुरक्षित रखे बर बकरी पालन शेड निर्माण कराबोन।
जल्दीच ग्राम पंचायत कोति ले इंकर बर बकरी पालन शेड निर्माण के काम बर 66 हजार रूपिया पास कर देहे गीस। ए काम म 174 रूपिया के दर ले 13 हजार रूपिया ले 72 मानव दिवस के रोजगार बीरन बाई अऊ अंकल्हा ल मिलिस। एक कोति शेड निर्माण के काम ले रोजगार तो मिलबे करिस संगेच घर म बकरी मन ल राखे बर साधन घलोक मिल गे।
पहिली उंखर तिर बकरी रखे के बिवस्‍था समान्य रहिस जेमां प्लेटफार्म नइ रहिस जेखर कारण बकरी मन के मलमूत्र ले दुर्गंध आत रहिस अऊ बिमारी पैदा हो जात रहिस। इही ल देखत नवा प्लेटफार्म चबूतरा संग बनाये गीस। काबर के बकरी मन ऊचा मचान अऊ चबूतरे म जादा आराम ले बइठना पसन्द करथें। 53 हजार रूपिया के लागत ले एक अच्छा सा शेड निर्माण हो गीस। ये मां पूरा साफ-सफाई घलोक होए लगिस। बकरी मन ले निकलइया अपशिष्‍ठ मन ल खाद्य म बदले बर कम्पोसिट पिट घलोक बनये गीस। कम्पोसिट पिट के बारे म बिरन बाई ल जानकारी दे गीस के ये मां अपशिष्ट ल रखे ले खाद बनही, जेला अपन खेत मन अऊ बागीचा मन म डारके फसल के उत्पादन बाढ़ाये जा सकत हे या फिर दूसर ल बेच के सीधा पइसा कमाये जा सकत हे।
अंकल्हा अपन बकरी मन बर शेड निर्माण ल बहुतेच उपयोगी मानथें। ओ ह खुशी-खुशी कहिस के रोजगार गारंटी योजना ले मै कमायेंव घलोक अऊ बचायेंव घलोक। काबर के शेड निर्माण ले हमला मजदूरी मिल गे अऊ बकरी मन साफ-सुथरा जघा म रहे के सेती बीमार नइ परंय तेखर से ऊंखर इलाज म होवइया खरचा घलोक बांचत हे।

लउछरहा..