एडवेंचर अउ सावधानी : स्‍कूल मन बर गुनान-गोठ

रइपुर के स्कूली लइका मन के नदिया म बुड़ के उदुप ले होए मौत ले पूरा समाज के दिल रोवत हे, पालक मन उपर का बीतत होही ये सोच के बेचैनी होए लागथे। भगवान लइका मन ल परम शांति प्रदान करय अऊ परिजन मन ल ये दुख के बेरा म दुख सहे बर बल देवय, हम अइसन बिनती करत हंन।

स्कूली लइका मन बर पिकनिक अऊ खेलकूद जइसे आन गतिविधि मन अब सस्ता अऊ बेगारी म चलइया दुकान बन के रहि गए हे। आजकल अइसन कोनो काम बर खांटी जानकार के राय लेना बड़ जरुरी नद माने जाए। भलुक थोकुन रूपिया के बंदरबांट ले सब खेल हो जात हे। जिम्मेदार मन कभू अपन पल्ला झाड़ के त कभू पालक मन ले अनापत्ति प्रमाण-पत्र ले के, खेल खेलथें अऊ कहूं कुछ़ हो गए त मुआवजा दे देथें। शैक्षणिक संस्था मन ल येकर उपर गहिर विचार करना चाही, काबर के मुआवजा ह सब कुछ नइ होवय। अऊ एहू के, एमा रोक लगाना कोनो समस्या के हल नो हे। जरूरत सिरिफ थोकुन इमानदार कोसिस करे के हे।

शैक्षणिक संस्था मन ल खांटी जानकार के राय अऊ सेवा लेना चाही अऊ उंखरेच अगुआई म सबो खेलकूद, पिकनिक अऊ एडवेंचर स्पोर्टस आयोजित करे जाना चाही। आसानी ले पइसा कमाए के चक्कर म मनखे मन एला व्यवसाय बनाके काम करत हें, बिना कोनो मापदण्ड अऊ सुरक्षा मानक के सरलग ये धंधा चलत हे। सरकार ल घलोक तभे होश आथे, जब कोनो दुर्घटना होथे। कागज मन म चलत खेल संघ अउ विभाग के अस्तित्व सिरिफ अखबार म फोटो छपवाए बर-भर रहि गए हे, अइसे लागथे।

लेखक- ज्ञानेंद्र पांडेय, वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर

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