नक्सल प्रभावित ओरछा म खुलिस पहली दवई दुकान

अबूझमाड़िया मन बर कु. किरता बनिस जीवनदायनी

नारायणपुर, सनिच्‍चर के दिन (13 अपरेल 2019) देश -प्रदेश बर खास रहिस, ए दिन पूरा देश उछाह के संग रामनवमी मनावत रहिस, फेर ए दिन ल नक्सल प्रभावित जिला नारायणपुर के विकासखण्ड ओरछा (अबूझमाड़) म एक अउ विशेष काम के उदबत्‍ती जलाए के उदीम होवत रहिस। अबूझमाड़ म स्‍वास्‍थ्‍य के सुविधा बर जनता ल बहुत समस्‍या के सामना करना परथे, सामुदायिक स्‍वास्‍थ केन्‍द्र म इलाज के बखत म डाक्‍टर जब बाहिर ले दवई लेहे बर लिखथे त तीर-तखार म दवई दुकान नइ होए के सेती जनता ल उचित दवई मिल नइ पावय अउ रोग बाढ़त जाथे। अइसन बेरा म ओरछा मुख्यालय म पहिली मेडिकल स्टोर्स खोले के सुग्‍घर उदीम माड़िया नोनी कीरता दोरपा ह कर देखइस। दुर्गम क्षेत्र म पहली दवई के दुकान खोलके कीरता नोनी ह नवा मिशाल कायम करिस।



वइसे तो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ओरछा म मरीज मन ल सबो जरूरी दवई निःशुल्क मिलथे। फेर कई पइत अइसन घलोक रहिथे कि कई दवई बर 70 किलोमीटर दूरिहा जिला मुख्यालय नारायणपुर आना-जाना परथे। ये दवई दुकान खुल जाए ले अब ओरछा क्षेत्र के मनखे मन ल ए समस्‍या ले निजात मिलही। ये सुग्‍घर काम मड़िया जनजाति के किरता नोनी ह अपन परिवार अऊ संगी-साथी ले आर्थिक सहायता अऊ सहयोग ले के ओरछा म मावा नाम से मेडिकल स्टोर्स खोल के ए दुर्गम क्षेत्र के अबूझमाड़िया मन बर जीवनदायनी बन गए हे।




किरता के बताती चारो कोति ले घना जगल-पहाड़ मन ले घिरे दुर्गम इलाका म मेडिकल दुकान खोलना अऊ ओला चलाना चुनौती वाला काम रहिस। कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा ह ऊंखर ए पहल बर बिक्‍कट सबासी देहे हे। उमन जिला प्रशासन कोति ले ले हरसंभव सहयोग देहे के तको भरोसा देवाए हें।



हम आप मन ल बता देवन कि नक्सल प्रभावित ए अबूझमाड़ के इलाका मन म बसइया आदिवासी मन अभी घलोक अपन हमार जइसे जरूरी सुविधा बर तरसत हें। किरता के बताती ओरछा के जनता मन, सरपंच अऊ सचिव ह ए काम बर उनला हमेशा प्रोत्साहन देवत रहय रहिन। सबो के प्रोत्साहन अऊ आर्थिक मदद ले ये कठिन काम संभव होइस। उंखर दुकान म एती के भौगोलिक परिस्थिति अऊ जरूरत के मुताबिक सबो जरूरी दवईय हावय, जेकर कीमत करीबन पचास हजार रूपिया हे। अब मनखे मन डाक्टर के पर्ची लेके दवई लेहे वोकर दुकान म आए लगे हें। ये दुकान के खुल गए ले मरीज अऊ ऊंखर परिजन मन के दवइ लेहे बर नारायणपुर आए-जाए म होवइया खरचा अऊ समय के बचत होए लगे हे।



लउछरहा..