मूल हिन्दी – जी.एस. केशरवानी, उपसंचालक, डीपीआर, रायपुर अनुवाद – गुरतुरगोठ होली के तिहार ह रंग के उमंग अउ खुसी के संदेस लेके आथे। ए पईत छत्तीसगढ़ के बिहान दीदी मन प्राकृतिक रंग ले न केवल होली ल सुरक्षित बनावत हें, बल्कि अपन जिनगी म खुसहाली के नवा रंग घलो भरत हें। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ले जुड़े महिला मन आत्मनिर्भर बनके स्वसहायता समूह के माध्यम ले हर्बल गुलाल तइयार करत हें। प्राकृतिक फूल अउ भाजीपाला ले बने ए रंग मन पूरा तरीका ले सुरक्षित अउ पर्यावरण बर…
