पर्यावरण संरक्षण अउ जल प्रबंधन ल मिलिस सशक्त आधार
दंतेवाड़ा, जल संकट ले जूझत ग्रामीण इलाका मन म राहत पहुंचाए के दिशा म दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिला ह “मोर गांव मोर पानी महा अभियान” के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करे हे। ये राज्य शासन के एक महत्वाकांक्षी पहल हे जेखर उद्देश्य जल संरक्षण अऊ वर्षा जल संचयन ल बढ़ावा देना हे। इही कड़ी म कलेक्टर अउ सीईओ जिला पंचायत के मार्गदर्शन म ए अभियान म आधुनिक जीआईएस आधारित रिज टू वैली अप्रोच अपनात 2,965 जल संरचना मन के चयन करे गए हे, जऊन जल प्रबंधन के क्षेत्र म जिला के दूरदर्शी सोच ल दर्शाथे। ए अभियान के उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति समुदाय ल जागरूक अउ सक्रिय भागीदारी बर प्रेरित करना हे। मनखे मन ल पानी के महत्व ल समझात भूजल संवर्धन म सहभागी बने बर प्रोत्साहित करे जात हे। ए क्रम म नरेगा के तहत गैबियन स्ट्रक्चर, कंटूर ट्रेंच स्टोन चेक डेम वृक्षारोपण आदि कार्य के क्रियान्वयन करे जात हे। जेन ल जिला म पर्यावरण संरक्षण अउ जल प्रबंधन म सशक्त आधार मिलही।
सैकड़ों जल संरचना अऊ जल्दी कार्यान्वयन
जिला म अब तक 1,751 कम लागत वाले अउ 71 जादा लागत के जल संरचना मन सफलतापूर्वक मनरेगा के अंतर्गत निर्मित होवइया हे, जेन म कुल 450.04 लाख के व्यय होय हे। एखर ले अकतहा, जिला के 402 नवा जल संरचना मन के लक्ष्य निरधारित करे गए हे अऊ इनकर निर्माण काम तेजी ले चलत हे, जेला अवइया 15 दिन के भीतर पूरा कर लेहे के लक्ष्य रखे गए हे। ये उदीम वर्षा ऋतु के पहिली पूरा करे जात हे ताकि जादा ले जादा वर्षा जल के संचयन करे जा सकय अऊ ग्रामीण क्षेत्र मन ल लम्बा समे तक लाभ मिल सकय। जल संरचना मन म निर्माण काम के तहत लूज बोल्डर चेक डेम, मिट्टी के बांध, गैबियन स्ट्रक्चर, फेरोसिमेंट टेंक, आरसीसी संरचना, जल निकासी उपचार के विविध उपाय सामिल करे गये हे। ये संरचना मन नइ केवल जल संरक्षण म सहायक हे, बल्कि मृदा अपरदन रोके अऊ कृषि उत्पादकता बढ़ाए म घलोक सहायक सिद्ध होवत हे।
“मोर गांव मोर पानी” अभियान ले दंतेवाड़ा म जल संरक्षण के गज उदीम

