5 ग्राम पंचायत मन म चुने गए तालाब मन म होही झींगा (चिंगरी) पालन, गांव वाले मन ल मिलही आजीविका के नवा स्रोत
सुकमा, प्राकृतिक संसाधन अऊ जैव विविधता ले भरपूर छत्तीसगढ़ के सुकमा जिला अब कृषि क्षेत्र म एक नवा क्रांति कोति आगू बढ़त हे। परंपरागत खेती ले आगू बढ़त सुकमा के किसान अब मछली पालन के संगे-संग झींगा पालन ल घलोक अपनाके आत्मनिर्भरता के दिशा म लउहे आगू बढ़त हे। कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा के सहयोग ले जिला के किसान मन ल तकनीकी प्रशिक्षण अउ मार्गदर्शन उपलब्ध कराए जात हे, जेखर से ओ मन आधुनिक अऊ लाभकारी कृषि पद्धति ल अपनाए बर प्रेरित होवत हें।
कलेक्टर के मार्गदर्शन म समन्वित कृषि प्रणाली ल प्रोत्साहित करे जात हे। कृषि विज्ञान केंद्र कोति ले मछली पालन विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह राठौर अउ मत्स्य विभाग के अधिकारी श्री डी.एल. कश्यप के अगुवइ म सुकमा विकासखंड के पांच ग्राम पंचायत भेलवापाल, झापरा, गोंगला, मूर्तोंडा अउ गादीरास के तहत अवइया 40 तालाब मन के गहन निरीक्षण करे गीस। ए तालाब मन ल झींगा पालन बर उपयुक्त पाए गीस। अवइया समय म कृषि विज्ञान केंद्र के मत्स्य इकाई, खांटी जानकार के निगरानी अऊ जिला मत्स्य विभाग के समन्वय ले ए तालाब मन म झींगा पालन के औपचारिक शुरुआत करे जाही। ये पहल न केवल जिला म मत्स्य उत्पादन ल बढ़ावा देही, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था ल घलोक सशक्त बनाही।
चिंगरी पालन के नवा उदीम करत हे सुकमा जिला

