वनांचल के दिव्यांग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ल उपमुख्यमंत्री ह देवाइन स्कूटी

सुनीता बोलिस ट्रायसायकल के पैडल ओटत पिरावय हाथ, स्कूटी के रूप म मोला नवा हौसला मिले हे
कवर्धा, जनम ले ही पांव ले लाचार वनांचल गांव धामिनडीह के आदिवासी युवती सुश्री सुनीता धुर्वे जेन के रोजेच कइ ठन कठिनाइ के बाद घलोक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के तौर म गांव के सेवा करत आत्मनिर्भरता कोति कदम बढ़ावत हे, ओ ल स्कूटी देके उपमुख्यमंत्री अऊ कवर्धा के स्थानीय विधायक श्री विजय शर्मा ह बड़का हौसला देहे हें। सुनीता ह पाछू 16 नवम्बर के रेंगाखार पहुंचे श्री शर्मा ल अपन शारीरिक स्थिति अऊ दैनिक जीवन के कठिनाइ मन ले अवगत करात स्कूटी देवाए खातिर एक आवेदन सौंपे रहिस। ठीक 10 दिन बाद ही ओ ल नवा स्कूटी मिल गे। 
बुधवार 26 नवंबर के कवर्धा विधायक कार्यालय म उपमुख्यमंत्री व स्थानीय विधायक श्री विजय शर्मा ह जब स्कूटी दीन त  सुनीता धुर्वे के खुशी के ठिकाना नइ रहिस। सुनीता ह कहिस के ओ जनम ले ही दिव्यांग हे अऊ अपन पांव ले चले म असक्षम हे। पाछू 9 बछर ले विकासखंड बोड़ला के ग्राम धामिनडीह म आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप म कार्यरत हे, ओ ल अपन काम बर आए-जाए म दिक्कत के सामना करना परथे। जिहां कोनो योजना के रिपोर्टिंग होवय या कोनो मीटिंग ओ ल गांव ले 40 किमी के दूरी म स्थित चिल्फी परियोजना कार्यालय तक दूसर मन के सहायता ले जाना परत रहिस। एक महिला होए के नाते सहायता बर दूसर मन उपर निर्भर रहना वोखर बर चुनौतीपूर्ण हो गए रहिस, जेखर से समय म काम संपादन घलोक प्रभावित होत रहिस। पहिली ट्रायसायकल मिले रहिस, फेर ओखर पैडल ओटत हाथ म पीरा भर जात रहिस। 
भावुक होत सुनीता ह कहिस के, 16 नबम्बर के विजय भैया जब रेंगाखार जंगल म आए रहिन, तब मैं ह ओ मन ल अपन व्यथा बताए रहेंव। विजय भैया ह मोर बात ल गंभीरता ले सुनिन। में कुछ मांगतेंव ओखर पहिली ही उमन अधिकारी ले चर्चा करके मोला सहायक उपकरण मन के संग स्कूटी उपलब्ध कराए के निर्देश दीन। आज उमन मोला स्कूटी दीन। मैं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के बहुत आभारी हंव जेन उमन संवेदनशीलता देखात मोला तुरंत सहयोग करिन, जेखर से अब मैं कहू भी बिना कोनो समस्या के आ जा सकत हंव अऊ अपन काम घलोक अऊ बेहतर तरीके ले कर सकत हंव। 
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के संवेदनशील पहल ले बीते दू बछर म कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 100 ले जादा दिव्यांगजन मन ल पेट्रोल चलित स्कूटी बांटे गए हे। स्कूटी पवइया दिव्यांगजन अब दैनिक काम, शिक्षा, रोजगार अऊ सामाजिक गतिविधि मनम जादा सहजता अऊ आत्मविश्वास के संग सहभागिता कर पात हें।

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