पथरा अउ जाली ले बदल गे किसान के तकदीर! अब पानी बर नइ तरसय ये गाँव, जानव कइसे होइस चमत्कार?

खैरागढ़ GG Digital News Desk, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला के किसान मन बर अब पानी के समस्या खतम हो गे हे। पहिली इहाँ के गाँव गाड़ाडीह अउ पाटा के किसान मन सिरिफ बरसात के पानी ऊपर निर्भर रिहिन। पानी गिरय अउ नाला ले बोहा के चल दय, जेखर से गर्मी त दूर, जाड़ा (ठंड) म घलो खेती करना मुश्किल हो जावत रिहिस। फेर अब ‘मोर गाँव-मोर पानी’ अभियान ह इहाँ के तकदीर बदल देहे हे।

का हे ये ‘जुगाड़’ तकनीक?
महात्मा गांधी नरेगा (MNREGA) के तहत इहाँ के ‘मोहलईन खोल नाला’ म 7 ठन ‘गेबियन चेक डेम’ बनाए गए हे। ये कोनो साधारण डेम नो हे। एला पथरा अउ लोहा के जाली ले कस के बनाए गे हे। एखर से पानी के बहाव कम होथे अउ पानी रुकथे। पहिली जहाँ पानी कुछु दिन म सुखा जावत रिहिस, अब दिसंबर महिना तक नाला म पानी भरे रहिथे।

किसान मन ल होइस डबल फायदा
1. दोबारा खेती: अब किसान मन सिरिफ धान न ही, बल्कि रबी फसल (चना, गेंहू, सब्जी) घलो लेवत हें। नाला के तीर के 75 ले 80 एकड़ खेत ल अब भरपूर पानी मिलत हे।
2. गाँव म ही रोजगार: ये डेम बनाए के काम म गाँव वाले मन ल ही काम मिलिस। 1229 मानव दिवस के रोजगार मिलिस अउ करीब 13 लाख रूपिया के भुगतान मजूरी के रूप म होइस।

वैज्ञानिक तरीका ले होइस काम
अधिकारी मन बताइन के ये काम अंदाजी म न ही, बल्कि मशीन (GIS सर्वे) ले जाँच-परख के करे गीस, ताकि सही जगा म पानी रुक सकय। आज बोहात पानी ल रोक के ये गाँव के किसान मन खुशहाल हो गे हें।

लउछरहा..