पंचायती राज मंत्रालय 28 जनवरी के छत्तीसगढ़ के युवा लीडर्स ल सहभागितापूर्ण शासन म बढ़िया काम बर सम्मानित करही
रायपुर, छत्तीसगढ़ बर भारी गौरव के बात हे के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS), कोसमबुड़ा ह अपन किसम के पहिली ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ (MYGS) प्रतियोगिता म राष्ट्रीय विजेता बनके आगू आय हे। पंचायती राज मंत्रालय आघू 28 जनवरी 2026 के नई दिल्ली म आयोजित एक ठन भव्य राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह म छत्तीसगढ़ के ए विजेता टीम ल बाकायदा सम्मानित करही।
छत्तीसगढ़ के आदिवासी शिक्षा व्यवस्था के ए बड़का जीत आय। देस भर के 800 ले जादा स्कूल मन के प्रतिभागी मन ल पाछू छोड़त, ईएमआरएस कोसमबुड़ा के छात्र मन ह ग्रामीण शासन के गजब के समझ देखाइन। 30 अक्टूबर 2025 के जनजातीय कार्य मंत्रालय अउ शिक्षा मंत्रालय के सहयोग ले शुरू करे गए ए पहल के उद्देश्य, युवा मन ल मॉक ग्राम सभा सत्र के माध्यम ले जमीनी समस्या मन के समाधान बर प्रेरित करना रहिस। छत्तीसगढ़ के ए पहिली नंबर म आना ये बताथे के राज्य ह अपन आदिवासी आवासीय स्कूल व्यवस्था के भीतर लोकतांत्रिक मूल्य मन ल कतका मजबूती ले अपनाय हे।
ए गौरवपूर्ण उपलब्धि म अपन खुसी जतावत ईएमआरएस कोसमबुड़ा के प्राचार्य, डॉ. कमलाकांत यादव ह कहिन: “मॉडल यूथ ग्राम सभा (MYGS) पहल म हमर विद्यालय ल राष्ट्रीय स्तर म पहिली स्थान मिलना खुसी के बात आय। ए सफलता हमर विद्यार्थी मन के कड़ी मेहनत अउ गाँव के विकास ले जुड़े समस्या मन के प्रति उनकर गहिर समझ ल दर्शाथे। पंचायती राज मंत्रालय अउ केंद्र सरकार के ए दूरदर्शी पहल छात्र मन ल लोकतांत्रिक प्रक्रिया अउ सहभागी शासन ले जोड़े के एक ठन असरदार मंच आय। ए आयोजन के माध्यम ले विद्यार्थी मन ल जमीनी स्तर म फैसला लेहे के प्रक्रिया ल नजीक ले समझे के मौका मिलिस। हम आघू 28 जनवरी के नई दिल्ली म होवइया सम्मान समारोह म सामिल होय बर उत्साहित हवन।”
युवा मन के भागीदारी बर दूरदर्शी पहल ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ ल 30 अक्टूबर 2025 के शुरू करे गे रहिस। ए कार्यक्रम ह तीन महिना ले भी कम समय म भारत के 800 ले जादा स्कूल मन तक पहुंच बनाके युवा मन म सहभागी शासन के संस्कृति ल बढ़ावा देहे हे। देस भर ले चुने गे टॉप 6 टीम मन म ईएमआरएस कोसमबुड़ा ह ग्राम सभा चलाय म अनुशासन अउ स्थानीय समस्या मन के व्यावहारिक समाधान बर नवा मिसाल कायम करे हे। 28 जनवरी के होवइया सम्मान समारोह लोकतंत्र के ए युवा राजदूत मन के उपलब्धि के उत्सव मनाही, जेन आघू के जिम्मेदार नागरिक तैयार करे के दिशा म एक ठन बड़ मील के पत्थर साबित होही।

