जे बस्तर ह पहिली आकांक्षी जिला माने जावत रहिस, आज ओ ह पूरा देस मं “बस्तर ओलंपिक” के नाम ले जाने जात हे – प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री के रद्दा देखाय अउ केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प ले बस्तर मं बदलाव के नवा कहानी लिखे जात हे: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
नीति, नीयत अउ नेतृत्व सही होही, त दशकों के उपेक्षा ला घलो बदले जा सकत हे – मुख्यमंत्री
बस्तर अब डर अउ पिछड़ेपन के पहिचान नोहे, बल्कि भरोसा, विकास अउ संभावना के प्रतीक बनत हे: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ह आज संसद मं अपन भासन के बखत विसेस रूप ले बस्तर के गोठ रखिन। ओ मन कहिन के जे बस्तर ला पहिली आकांक्षी जिला माने जात रहिस, आज ओ ह पूरा देस मं “बस्तर ओलंपिक” के नाम ले जाने जात हे। विकास के धारा अब बस्तर के गाँव-गाँव तक पहुँचत हे। कई अइसन गाँव हें जहाँ पहिली पइत बस सेवा सुरु होइस अउ पूरा गाँव ह एला तिहार कस मनाइस। ओ मन कहिन के एक बखत अइसन घलो रहिस, जब कुछ जिला मन ला पिछड़ा मान के छोड़ देहे गे रहिस। उहाँ रहइया करोड़ों मनखे मन के बुनियादी जरूरत मन ला घलो नई माने गीस। प्रधानमंत्री ह कहिन के ए सोच अउ संस्कृति ला बदले गे हे। अब पिछड़ा इलाका मन मं होनहार अधिकारी मन ला तैनात करे जात हे, जेकर नतीजा आज पूरा देस देखत हे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह प्रधानमंत्री के ए गोठ ऊपर अपन खुसी जतावत कहिन के बस्तर क्षेत्र ह छत्तीसगढ़ के सौभाग्य हे। ए क्षेत्र ह कुदरती रूप ले बहुत अमीर हे, जेला धरती के सरग कहे जा सकत हे। यहाँ कतको सुग्घर झरना हें, कुटुमसर कस दुनिया भर मं प्रसिद्ध गुफा हे, अबूझमाड़ के बड़े जंगल हे अउ धुड़मारास गाँव ला दुनिया के 20 सबले बढ़िया पर्यटन गाँव मं जगा मिले हे।
मुख्यमंत्री ह कहिन के लगभग चार दशक तक नक्सलवाद के सेती विकास ह ए इलाका ला छू नई पाइस, जबकि बस्तर के क्षेत्रफल ह केरल राज्य ले घलो बड़े हे। अब हालात तेजी ले बदलत हे। प्रधानमंत्री अउ केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प अउ सुरक्षा बल मन के बहादुरी ले बस्तर मं नक्सलवाद ह खतम होय के डहर मं हे। ओ मन कहिन के इही भरोसा के नतीजा हे कि ‘बस्तर ओलंपिक’ मं पउर साल 1 करोड़ 65 लाख युवा मन भाग लीन, जे ह ए साल बढ़के 3 करोड़ 91 लाख हो गे हे। वइसनहे ‘बस्तर पंडुम’ के आयोजन घलो करे जात हे।
मुख्यमंत्री ह बताइन के संभाग स्तर के ‘बस्तर पंडुम’ के सुभारंभ 7 तारीख के महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथ ले होही, अउ समापन 9 तारीख के केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य मं होही। ओ मन कहिन के प्रधानमंत्री कोति ले ‘मन की बात’ मं घलो बस्तर के चर्चा करना हमर बर गरब के बात हे। मुख्यमंत्री ह कहिन के बस्तर अब डर के नोहे, बल्कि विकास के पहिचान बनत हे।

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