सक्षम योजना अउ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मार्गदर्शन ह बदलिस रूपा के तकदीर

बस्तर जिला के एक महतारी बर ‘सक्षम योजना’ ह अँधियारी म अंजोर बरोबर काम करिस हे। पति के गुजर जाय के बाद रूपा कश्यप के जिनगी ह कतको दुख-पीरा ले भरे रहिस, फेर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सही रद्दा देखाय ले आज ओमन स्वाभिमान के जिनगी जियत हें।

बस्तर, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के गौरवमयी मउका म हमन महिला मन के आत्मनिर्भर होय के उत्सव मनाए हन। इही कड़ी म बस्तर जिला के ग्राम परपा के रूपा कश्यप के कहानी ए साबित करथे के एक ठन सही रद्दा अउ सरकारी योजना के सहजोग ले काखरो जिनगी ला कइसे बदल सकथे। ए सफलता के कहानी लिखे म आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुश्री कथावती सेठिया के भूमिका ह बहुते महत्वपूर्ण अउ सराहनीय रहे हे, जेमन एक ठन दुखियारी परिवार बर आसा के किरन जगोइन।
लगभग पाँच बछर पहिली, एक सड़क दुर्घटना म पति राजेश कश्यप के अचानक मउत के बाद 42 बछर के रूपा कश्यप के जिनगी ह पूरा बगर गए रहिस। दू ठन छोटे लइका अउ बूढ़ी सास के जिम्मेदारी के बीच आय के कोनो साधन नइ होय के सेती रूपा ला मजदूरी करे बर परत रहिस, जेखर से परिवार के गुजारा करना बहुते मुस्किल रहिस। मजदूरी म दिन भर लगे रहे के सेती लइका मन के पढ़ई म घलो बाधा आवत रहिस।
रूपा के जिनगी म ए कठिन समय तब सिराइस जब ओमन अपन दुख-पीरा ला स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुश्री कथावती सेठिया ला बताइन। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ह न केवल रूपा ला मानसिक हिम्मत दीस, बल्कि ओमन ला ‘सक्षम योजना’ के बारे म विस्तार ले बतावत खुद के काम शुरू करे बर प्रोत्साहित करिस। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग ले ही रूपा ह योजना के फार्म भरिस अउ ओमन ला सक्षम योजना ले कम ब्याज दर म एक लाख रूपया के लोन मिलिस।
कार्यकर्ता के बताए रद्दा म शुरू करे गे ए छोटकुन कोसिस ह आज एक सफल व्यापार म बदल गे हे। रूपा ह स्कूल-कॉलेज के लइका मन अउ कर्मचारी मन बर चाय, नाश्ता अउ टिफिन सेवा के शुरुआत करिस, जेखर ले ओखर आर्थिक हालत म बड़े बदलाव आइस। आज रूपा ह अतका सक्षम हो गे हे के ओ दूसर महिला मन ला घलो काम देवत हे।

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