जशपुर के किसान खेती म बनावत हें अपन अलग चिन्‍हारी

जुन्ना फसल मन के जगा म उद्यानकी अउ नगद फसल मन ऊपर देवत हें जोर
चाय, नाशपाती, लीची, स्ट्रॉबेरी के बाद अब सेब के खेती म आजमावत हें हाथ

जशपुर, जिला ह हमेशा ले फसल मन के अलग-अलग किसम बर जाने जाथे। इहां के किसान मन जुन्ना फसल मन के संगे-संग उद्यानकी अउ नगद फसल मन ऊपर घलो जोर देवत हें। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ह जशपुर म उद्यानिकी फसल मन बर सुघर माहौल ला देखत किसान मन ला उद्यानिकी अउ नगद फसल मन बर सरलग बढ़ावा देवत हें। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश ऊपर लोकल जिला प्रशासन, नाबार्ड अउ उद्यानिकी विभाग कोती ले ए दिसा म खास उदीम करे जावत हे। किसान मन ला उद्यानिकी फसल मन बर प्रशिक्षण अउ तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराए जात हे। ए जम्मो मिले-जुले उदीम ले पाछू दू-ढाई बछर म इहां के किसान मन जुन्ना फसल के जगा म उद्यानिकी अउ नगदी फसल मन उपर जादा धियान देहे लागे हें। जशपुर के किसान मन अब चाय, लीची, स्ट्राबेरी, नाशपाती के संग सेब के बगइचा घलो तइयार करत हें।
जिला प्रशासन, उद्यानिकी विभाग, रूरल एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसाइटी (READS) अउ नाबार्ड के मिले-जुले उदीम ले जशपुर ह फलोत्पादन अउ बागवानी म नवा चिन्‍हारी बनाए हे। ए काम मन ले लोकल किसान मन के कमई मजबूत हे अउ खेती-आधारित अर्थव्यवस्था ला ताकत मिले हे।
जशपुर म सेब के उत्पादन बछर 2023 म सूरू होइस। सेब के खेती अब लगभग 410 एकड़ म फैल गे हे, जेमा लगभग 410 किसान सेब के खेती करत हें। जिला के मनोरा अउ बगीचा विकासखंड संग शैला, छतौरी, करदना अउ छिछली जइसे पंचायत मन म लगाए गे सेब के रुख मन ह ए बछर बड़ सुग्घर गुणवत्ता अउ आकार के फल देहे हें। लोकल किसान मन बतावत हें के जशपुर के सेब ह स्वाद अउ गुन के मामला म कश्मीर अउ हिमाचल के सेब मन के बरोबर हे। रूरल डेव्हलपमेंट एंड डेव्हलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष श्री राज्येश गुप्ता ह बताइन के जशपुर जिला के 410 किसान मन अपन 1-1 एकड़ भुँइया (जमीन) ऊपर सेब के खेती करत हें।
अइसनहे जिला म नाशपाती के बगइचा लगभग 3,500 एकड़ म फैले हे, जिहाँ 3,500 ले जादा किसान नाशपाती के खेती करत हें। जिला के सन्ना, पंडरापाठ, कंवई, महुआ, सोनक्यारी, मनोरा, धवईपाई, गीधा जइसन इलाका मन म बड़ पैमाना म नाशपाती के खेती होवत हे। इहें ले नाशपाती ला पैक करके दिल्ली, उत्तरप्रदेश अउ उड़ीसा संग दूसर राज्य मन म भेजे जाथे। नाशपाती के हर बछर के उत्पादन लगभग 1,75,000 क्विंटल तक पहुँच गे हे। किसान मन ला नाशपाती ले प्रति एकड़ बछर भर के कमाई लगभग एक ले डेढ़ लाख रुपिया मिलत हे।
उद्यान विभाग के अधिकारी मन के कहे मुताबिक राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत सीख, तकनीकी सहयोग अउ बजार तक पहुँच जइसे योजना मन हें, जेकर ले किसान मन आत्मनिर्भर बने हें अउ नवा फसल बदलाव के सुभम ले आर्थिक रूप ले मजबूत होवत हें।
जशपुर म चाय के खेती पहिली ले होवत आवत हे अउ इहां के चाय पत्ती के गुन बड़ बढ़िया हे। अब जशपुर म सेब अउ नाशपाती उत्पादन के सुघर विकास ले जशपुर ह न सिरिफ नवा बजार के रूप म स्थापित हे, भलुक लोकल किसान मन के जिनगी के स्तर म घलो बड़ सुधार आए हे। आघू चलके ए फसल मन के दायरा ला आऊ बढ़ाए के योजना हे।

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