बिहान समूह के महिला मन अपन हुनर ले कमावत हवय आमदनी, राखी अऊ छेरी पालन ले बनिन आत्मनिर्भर

रायपुर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ले जुड़के जिला के ग्राम फुलवारी के सरस्वती स्व सहायता समूह के महिला मन स्वरोजगार अऊ आत्मनिर्भरता के रद्दा म आगू बढ़त हवंय। समूह ले जुड़े के बाद महिला मन ल अपन पसंद अऊ हुनर के हिसाब ले रोजी-रोटी के काम करे के मौका मिलत हे। महिला मन एक कोती छेरी पालन ल अपन पक्का कमई के जरिया बनावत हवंय, त दूसर कोती स्थानीय साधन अऊ अपन हुनर के उपयोग करके तिहार-बार के बेरा म जादा कमई घलो करत हवंय।
राखी तिहार के मौका म सरस्वती स्व सहायता समूह के महिला मन सुग्घर राखी बनाके अपन हुनर ल बजार तक पहुंचाइन। महिला मन स्थानीय अऊ प्राकृतिक जिनिस के उपयोग करके कतकोन किसम के सुंदर राखी तियार करिन। समूह के महिला मन कलेक्टोरेट के आघू म राखी बेंचे बर स्टॉल लगाइन, जिहां जनदर्शन म आए लोगन मन राखी बिसाइन अऊ महिला मन के हुनर के बड़ाई करिन। राखी बेंचे ले महिला मन ल जादा कमई होईस अऊ अपन बनाए जिनिस ल लोगन मन के पसंद करे ले उंकर हौसला घलो बढ़िस। महिला मन बताइन के अइसन मौका ले उंखर घर-परिवार के जिम्मेदारी के संगे-संग आर्थिक हालत घलो मजबूत होत हे।
समूह के सदस्य श्रीमती सुनीता अऊ श्रीमती अंजू धुरी ह बताइस के बिहान समूह ले जुड़े के बाद महिला मन ल बनेच अकन स्वरोजगार के काम मिले हे। समूह के महिला मन ल छेरी पालन बर मदद मिले हे, जेकर से उंखर आजीविका मजबूत होत हे अऊ सरलग आमदनी के साधन बनत हे। छेरी पालन ले महिला मन ल गांव म ही रोजगार मिलत हे अऊ ऊंखर परिवार के खरचा म मदद होत हे। बिहान समूह ले महिला मन के हुनर ल पहिचान अऊ बजार दुनो मिलत हे। राखी बनाए जइसे काम ले महिला मन मउका के फायदा उठाके जादा कमाई करत हवंय, अऊ छेरी पालन ले सदा बर आमदनी के जरिया तियार करत हवंय।

लउछरहा..