सारंगढ़-बिलाईगढ़, सीमित साधन अउ आर्थिक तंगी ल मात देके आत्मनिर्भर बने के सपना देखइया महिला मन बर छत्तीसगढ़ के बरमकेला विकासखंड के ग्राम रिसोरा के नीतू साहू एक प्रेरणा बनके उभरे हें। ‘बिहान योजना’ अउ स्व-सहायता समूह के सहारा ले ओमन न सिरिफ अपन मेहनत ल हुनर म बदलिन, बल्कि आज उमन हर महीना लगभग 80 हजार रुपिया कमई करके एक सफल ‘लखपति दीदी’ के रूप म अपन नवा चिन्हारी बना चुके हें। ‘अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह’ अउ ‘सखी संकुल संगठन बुदेली’ ले जुड़े के बाद नीतू साहू ह अपन आर्थिक स्थिति ल मजबूत करे के संकलप लेइन। ओमन संकुल संगठन ले 1.20 लाख रुपिया अउ बिहान योजना के तहत बैंक ले 30 हजार रुपिया के करजा लीन। ये राशि ल कोनो एक कारोबार म लगाये के बजाय ओमन रणनीतिक रूप ले कइ आजीविका गतिविधि मन म निवेश करिन। स्थानीय मांग ल देखत छोटे स्तर ले मशरूम उत्पादन के सुरुआत, गांव के तालाब म मछरी पालन अउ गाय पालन के संग दूध बिक्री के काम चालू करिन। एकर संगेच मुर्गी पालन करके नियमित आय के स्रोत के रूप म एला विकसित करिन। ये चार अलग-अलग माध्यम ले मिलइया कमाई ओखर परिवार ल मजबूत आर्थिक आधार देइस अउ नीतू दीदी ल गांव के दूसर महिला मन बर रोल मॉडल बना दीस। अपन ये सफलता अउ सरकारी योजना ले मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करत नीतू साहू ‘सेवा संकल्प अभियान’ म उत्साहपूर्वक भाग लेथें। ओमन बताइन के वोमन 17 सितंबर के अपन घर म ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाहीं। ओखर बर ये दीया सिरिफ अंजोर के प्रतीक नो हे, भलुक ओ अवसर, सहयोग अउ संकल्प के प्रति कृतज्ञता के भाव हे, जेकर से ओखर जिनगी ला नया रद्दा मिलिस। नीतू साहू दीदी के ये कहानी साबित करथे के कहूं गांव के महिला मन ल सही मार्गदर्शन अउ योजनाबद्ध मदद मिलय, त उमन आत्मनिर्भरता के एक नया इबारत लिख सकथें।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ के नीतू साहू बनिस लखपति दीदी, चार आजीविका साधन ले कमावत हे हर महीना 80 हजार रुपिया

