देवहिल नेचर रिसॉर्ट के संग जैविक खेती ल बढ़ावा
बलौदाबाजार, वन विभाग कोति ले अचानकपुर गांव (ब्लॉक कसडोल) म एक नवाचारी पहल के शुरुआत करे गए हे। जेखर तहत खेती-किसानी अऊ इको-पर्यटन ल आपस म जोड़े गए हे। ए पहल के उद्देश्य गांव वाले मन ल परंपरागत अऊ जैविक खेती बर प्रेरित करना हे, संगे स्थानीय मनखे मन ल रोजगार अऊ पोषण सुरक्षा उपलब्ध कराना हे।
एखर तहत ग्रामवासी अचानकपुर अऊ देवहिल नेचर रिसॉर्ट (Achanakpur and Devahil Nature Resort) के सहयोग ले किसान मन ल कोदो, दुबराज, विष्णुभोग धान अऊ देसी अरहर जइसे पारंपरिक फसल मन के खेती बर प्रोत्साहित करे जात हे।
वनमण्डलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ह बताइस के संघरा वन प्रबंधन समिति के माध्यम ले किसान मन ल जैविक खेती अपनाए के दिशा म प्रशिक्षण अऊ सहयोग देहे जात हे। एखर से गांव वाले मन ल रसायन मुक्त खेती करे म मदद मिलत हे। जेखर से मिट्टी के उर्वरता बने रहत हे अऊ स्वास्थ्यवर्धक अनाज उत्पादन होवत हे। उमन बताइन के वन विभाग के उद्देश्य हे के अवइया पर्यटक देवहिल नेचर रिसॉर्ट म रुकहीं अउ गांव के खेती ल करीब ले देखहीं संगेच खेती-किसानी पर्यटन के अनुभव लेहीं। एखर से न केवल गांव वाले मन के आमदनी बाढ़ही, बल्कि स्थानीय संस्कृति अऊ खेती-किसानी विरासत के घलोक प्रचार होही।
देवहिल रिसॉर्ट म इही जैविक उत्पाद मन ले बने खाद्य पदार्थ के उपयोग करे जाही, जेखर से स्थानीय उत्पादन ल बाजार मिलही अऊ ये ह आत्मनिर्भरता के दिशा म बड़का कदम साबित होही। ए पहल म ग्राम के किसान रामसिंह, पानसिंह, फूलसिंह अऊ रामायण बरिहा संग बहुत अकन किसान मन ह बढ़-चढ़के भाग लेवत हें अऊ जैविक बीज मन के बोवाई शुरू कर देहे हें।
ये पहल पर्यावरण संरक्षण, आजीविका संवर्धन अऊ परंपरागत खेती के पुनर्जीवन के दिशा म एक सराहनीय प्रयास हे जेखर बर वन विभाग के एसीएफ (प्रशिक्षु) श्री गजेन्द्र वर्मा, परिक्षेत्र अधिकारी श्री संतोष कुमार पैकरा अऊ बीएफओ श्री योगेश सोनवानी गांव वाले मन ल सरलग प्रेरित करत हें।
अचानकपुर म खेती-किसानी अऊ इको-पर्यटन के अनोखा संगम

