कांकेर जिला के एक छोट कन गांव के रहइया श्रीमती अनुसुइया नेताम ह कुकरी पालन के काम ले अपन जिनगी ला बदल डरे हे। शासन के मदद अउ खुद के मेहनत ले आज ओ ह आत्मनिर्भर बन गे हे।
शासन के आर्थिक सहयोग अउ खुद के मेहनत ले बनिन आत्मनिर्भर
कांकेर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम ले महिला स्व-सहायता समूह आज महतारी मन ला आत्मनिर्भर बनाय म बड़का भूमिका निभावत हे। जे महिला मन पहिली सिरिफ़ घर अउ परिवार तक सीमित रहिन, आज ओमन आर्थिक अउ सामाजिक रूप ले मजबूत बन के अपन अलग पहिचान बनावत हें। इही कड़ी म उत्तर बस्तर कांकेर जिला के अंतागढ़ विकासखंड के गांव बेलोंडी के श्रीमती अनुसुइया नेताम ह मुर्गीपालन के काम ले सफलता के नवा मिसाल कायम करे हे।
श्रीमती नेताम ह बताइस के ओखर परिवार पहिली सिरिफ़ खेती-किसानी अउ मजदूरी ऊपर निर्भर रहिस। बरसात के भरोसा खेती होय के सेती कतको पइत फसल ह बढ़िया नइ होवत रहिस, जेखर ले परिवार के आय ह कम अउ अस्थिर रहय। कम कमाय के सेती घर के खरचा, लइका मन के पढ़ई अउ दूसर जरूरत मन ला पूरा करना एक ठन बड़े चुनौती बन गे रहिस। ए हालत ले निकले बर ओमन ‘जय मां संतोषी स्व-सहायता समूह’ ले जुड़ के मुर्गीपालन ला अपन आजीविका के रूप म अपनाय के फैसला लीन। समूह के माध्यम ले ओमन 30 हजार रूपया के लोन लेके मुर्गीपालन के काम शुरू करिन। धीरे-धीरे ए व्यापार ले ओमन ला बढ़िया कमाय-खाय बर मिले लागिस।
श्रीमती अनुसुइया नेताम ह बताइस के समूह ले जुड़े के बाद ओमन ला बचत के महत्ता, लोन के रख-रखाव अउ छोटे व्यापार ला चलाय के जानकारी मिलिस। संग म महिला मन ला आय बढ़ाय के अलग-अलग तरीका अउ सरकारी योजना मन के बारे म घलो मार्गदर्शन मिलिस, जेखर ले ओखर मन म आत्मनिर्भर बने के इच्छा जागिस। ओमन ‘सूर्या महिला ग्राम संगठन बेलोंडी’ अउ ‘आशा महिला क्लस्टर संगठन अमाबेड़ा’ के बैठक म घलो सरलग जाय लागिन।
काम के शुरुआत म ओमन लगभग 360 देशी चूजा (चिंया) मन ला बिसाइन जेमा करीब 11 हजार 880 रूपया के खरचा आइस। एकर अलावा दाना, पानी के बर्तन, वैक्सीन अउ टॉनिक मन म घलो पइसा खरच करिन। ए प्रकार ले मुर्गीपालन म कुल मिला के लगभग 33 हजार 360 रूपया के पहिली निवेश करिन।
श्रीमती अनुसुइया नेताम ह बताइस के कुछ महिना के मेहनत के बाद मुर्गी मन बढ़िया बाढ़िन अउ बेंचे बर तैयार हो गे। एकर बाद ओमन लगभग 200 मुर्गी मन ला बेंच के 55 हजार रूपया के सुद्ध मुनाफा कमाइन। एकर ले ओखर परिवार के आर्थिक स्थिति म बड़े सुधार आइस अउ अब लइका मन के पढ़ाई-लिखाई के खरचा उठाना पहिली ले जादा आसान हो गे हे।
स्व-सहायता समूह, ग्राम संगठन अउ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग ले श्रीमती अनुसुइया नेताम ह मुर्गीपालन ले न केवल अपन आर्थिक हालत ला मजबूत करे हे, बल्कि आज ओमन गांव के दूसर महतारी मन बर घलो प्रेरणा बन गे हें।