भारत के संस्कृति के गहना हे बस्तर – केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह

बस्तर के संस्कृति ला नवा परान देहे के काम करत हे छत्तीसगढ़ सरकार
पाँच बछर मा बिकसित बनही बस्तर
बस्तर पंडुम के विजेता मन के होइस सम्मान

जगदलपुर, केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ह कहिन के बस्तर भारत के संस्कृति के गहना हे। बस्तर पंडुम के माध्यम ले इहां के संस्कृति अउ गौरवशाली परंपरा ला छत्तीसगढ़ सरकार ह नवा परान दे के काम करिस। बस्तर पंडुम 2026 के जम्मो विजेता मन ला केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह अउ मुख्यमंत्री श्री साय ह सम्मानित करिन। केंद्रीय गृहमंत्री ह बताइन के एमा पहिली, दुसरइया अउ तिसरइया अस्थान पवइया लोक कलाकार मन ला राजधानी दिल्ली मा राष्ट्रपति भवन मा नेवता देहे जाही, जेमां ओमन ला अपन कला देखाय के अउ संग म जेवन करे के मौका घलो मिलही।
केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ह जनजातीय कला अउ संस्कृति के बचाव अउ ओला बढ़ाय बर, अउ जनजातीय प्रकृति अउ परंपरा के तिहार ‘बस्तर पंडुम’ के तीन दिन के संभाग स्तरीय कार्यक्रम के समापन मं जगदलपुर के लालबाग मैदान मा गोठियात रहिन। ओमन कहिन के बस्तर संभाग के 07 जिला के 32 जनपद पंचायत अउ 1885 ग्राम पंचायत के 53 हजार ले जादा लोक कलाकार मन ह 12 बिधा मा सुग्घर प्रदर्शन करिन। इही लोक संस्कृति ला आगू बढ़ाय के काम बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम ले राज्य सरकार ह करत हे।

आदिवासी संस्कृति अउ पुरखा विरासत ला फेर ले जीयंत करे बर ‘धरती आबा’ योजना
श्री शाह ह कहिन के बस्तर जइसे संस्कृति दुनिया के कोनो देस मा नवा हे अउ एला परभु श्री राम के बखत ले सँजो के इहां के मनखे मन ह बचाय राखें हें। ओमन कहिन के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ह देस के 700 ले जादा जनजाति मन के आदिवासी संस्कृति अउ पुरखा विरासत ला फेर ले जीयंत करे बर ‘धरती आबा’ योजना अउ ‘पीएम जनमन’ योजना जइसन कतको योजना लागू करिन। श्री शाह ह साफ सब्द मा कहिन के हमर लड़ाई कोनो ले नइ हे, बल्कि इहां के भोला-भाला आदिवासी जनता ला सुरक्षा देना हे। माओवाद खतम करे के समय सीमा अभी घलो ओही हे। जवान मन के हिम्मत अउ बहादुरी ले 31 मार्च 2026 तक माओवाद ला घुटना टेके बर परही। ओमन प्रदेश मा चलत नक्सल पुनर्वास नीति के तारीफ करत कहिन के पुनर्वास केंद्र मा ओमन ला रोजगार अउ सिरजनात्मक काम मन ले घलो जोड़े जात हे।

40 गाँव के स्कूल मा गोली के अवाज के जगा अब स्कूल के घंटी सुनई देथे
केंद्रीय गृहमंत्री ह कहिन के ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत प्रदेश सरकार ह सरलग माओवाद ले प्रभावित इलाका मा सड़क, पुल-पुलिया, मोबाइल टावर लगाय के संगे-संग राशन, साफ पानी, आधार कार्ड, अउ आयुष्मान कार्ड बनात हे। श्री शाह ह कहिन के बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित गाँव मन मा लाल आतंक के सेती बिकास नइ हो पावत रहिस, ओकर 40 गाँव मा स्कूल फेर ले खोल दे गे हे। अब वहाँ गोली के अवाज के जगा स्कूल के घंटी सुनई देथे।

दंतेवाड़ा, सुकमा अउ बीजापुर जिला मा 2 लाख 75 हजार एकड़ खेत मा सिंचाई बर 220 मेगावाट बिजली बनाय के काम जल्दी सुरू होही। बस्तर जिला मा 118 एकड़ मा औद्योगिक क्षेत्र बनाय जाही अउ पर्यटन ला बढ़ावा दे जाही।

बस्तर पंडुम सिरिफ एक कार्यक्रम नवा हे, ये बस्तर के पहिचान के तिहार हे – मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ह कहिन के माता दंतेश्वरी ले ही बस्तर के पहिचान हे। बस्तर पंडुम सिरिफ एक ठन कार्यक्रम नवा हे, बल्कि ये बस्तर के पहिचान के तिहार हे। मुख्यमंत्री ह बताइन के पिछले बछर 47 हजार कलाकार मन ह बस्तर पंडुम मा हिस्सा ले रहिन अउ ए बछर 54 हजार ले जादा कलाकार मन ह हिस्सा लीन। बस्तर के संस्कृति, खान-पान, पहिनावा, लोकनृत्य, गीत अउ बाजा समेत 12 बिधा मन के प्रदर्शन कलाकार मन ह करिन।

मुख्यमंत्री ह कहिन के पहिली बस्तर के चर्चा माओवाद बर होत रहिस, अब बस्तर के संस्कृति अउ बिकास बर होथे। ओमन कहिन के मार्च 2026 तक नक्सलवाद ला जड़ ले खतम करबो। ‘नियद नेल्ला नार’ (तुहर सुग्घर गाँव) योजना ले बुनियादी सुविधा मन गाँव-गाँव पहुँचत हे।

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