हांका – Chhattisgarhi News

भेड़ पालन ले आत्मनिर्भर बनिस बस्तर के सुरेन्द्र

Sheep Farming in Bastar

CHHATTISGARHI NEWS: बस्तर, जिला के बकावंड विकासखंड के तोंगकोंगेरा गांव के किसान श्री सुरेन्द्र देवांगन आधुनिक तरीका अउ सरकारी योजना के मदद ले भेड़ पालन ला अपन कमई के मजबूत जरिया बना ले हवंय। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत करीब 28 लाख रुपिया के परियोजना बर 10 लाख रुपिया के अनुदान मिलिस। बाकी रकम बर उमन 15 लाख रुपिया के बैंक लोन लीस।
भेड़ पालन शुरू करे के पहिली सुरेन्द्र उत्तरप्रदेश के मथुरा जाके वैज्ञानिक पशुपालन के प्रशिक्षण लीस। प्रशिक्षण म करीब 20 ले 25 हजार रुपिया खरचा होइस, फेर एखर ले मिले तकनीकी जानकारी ले वोकर व्यवसाय ला मजबूत आधार मिलिस। वो ह 100 मादा अउ 5 नर, कुल 105 भेड़ ले कारोबार शुरू करिस, जेकर संख्या अब बढ़के करीब 136 हो गे हे।
सुरेन्द्र अपन पांच एकड़ जमीन म करीब 2,100 वर्गफीट के आधुनिक अउ हवादार शेड बनवाय हवय। शेड ला चार हिस्सा म बांटे गे हे, जिहां नवजात पठरू (मेमना), मादा, नर अउ बड़े पशु मन के अलग-अलग देखभाल करे जाथे। वैज्ञानिक प्रबंधन ले भेड़ मन के स्वास्थ्य बेहतर होइस अउ संक्रमण के खतरा कम होइस।
बाजार के मांग के मुताबिक नर भेड़ करीब 480 रुपिया प्रति किलो अउ मादा भेड़ करीब 400 रुपिया प्रति किलो के दर ले बेंचाथे। 15 ले 16 किलो वजन होए उपर ले व्यापारी सीधा फार्म पहुंचके भेड़ बिसाथें। पाछू दू साल म सुरेन्द्र तीन लाख रुपिया ले ज्‍यादा कीमत के भेड़ बेच डरे हवय।
भेड़ पालन ले खेती म घलो फायदा होवत हे। भेड़ के जैविक खाद के उपयोग ले मक्का अउ धान के उत्पादन बाढ़े हे, जबकि यूरिया अउ डीएपी जइसन रासायनिक खाद म होवइया खरचा कम हो गे हे। सुरेन्द्र अपन भेड़ पालन केंद्र म दू स्थानीय चरवाहा ला रोजगार घलो दे हवय।
सुरेन्द्र नियमित रूप ले बैंक लोन के किस्त जमा करत हवय अउ चरवाहा मन ला समय म मजदूरी देत हवय। वोकर मानना हे के बैंक लोन चुकता होए के बाद भेड़ पालन ले मिले कमई ले परिवार के आर्थिक स्थिति अउ मजबूत होही।

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