बस्तर के रैबाली कश्यप ह एकीकृत खेती ले गढ़ीस सफलता के नवा कहानी

CHHATTISGARHI NEWS: बस्तर, जिला के छिंदगांव के रहइया जागृति महिला समूह के रैबाली कश्यप ह अपन मिहनत ले तरक्की के नवा रद्दा देखाए हे। पहिली सिरिफ पारंपरिक खेती उपर निर्भर रहइया रैबाली ह अब एकीकृत कृषि क्लस्टर ले जुड़के अपन जिनगी ला बदल देहे हे। ओ ह अपन खेत मा एक संग बकरीपालन, गायपालन, मुर्गीपालन, सुगंधित धान अउ संग मा हरियर साग-भाजी के खेती सुरु करे हे।

Integrated Farming Bastar

ए सबो काम ला मिला के रैबाली दीदी ला अब हर बछर 1.50 लाख रुपया ले जादा के सुध मुनाफा होवत हे। ओला बकरीपालन ले 60 हजार, मुर्गीपालन ले 30 हजार, भाजी-पालक ले 24 हजार, गायपालन ले 20 हजार अउ सुगंधित धान ले 20 हजार रुपया के कमई होवत हे। आज ओ ह अपन लइका मन के बढ़िया पढ़ाई अउ सेहत के संग समाज मा मान-सम्मान के जिनगी जीयत हे। रैबाली ह आन किसान मन ला एकीकृत खेती अपना के अपन आय बढ़ाए अउ खुशहाल रहे के संदेस देवत हे।

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लउछरहा..