कोंडागांव GG Digital News Desk, हमर छत्तीसगढ़ के बेटी मन अब कोनो ले कम नइ हे। सरकार के ‘बिहान’ योजना के मदद ले कोंडागांव के एक झन महिला ह कमाल कर देहे हे। वो लोहा (रॉट आयरन) के कलाकृति बनाके अब साल भर म 5 लाख ले जादा कमावत हे। ये कहानी हरे बड़ेराजपुर ब्लॉक के छोटेराजपुर गाँव के रहइया प्रमिला मरकाम के।
पहिली करत रिहिन मजूरी, अब बन गे मालकिन
पहिली प्रमिला अउ ओखर परिवार मजूरी अउ खेती करके अपन गुजारा करत रिहिन। फेर वो ‘पवित्रा स्व-सहायता समूह’ ले जुड़िन अउ अपन पुरखा मन के काम ‘रॉट आयरन’ (लोहा शिल्प) ल आगू बढ़ाए के फैसला करिन। ‘बिहान’ योजना ले उनला मदद मिलिस अउ वो लोहा ले 80 परकार के अलग-अलग सुन्दर समान बनाए ल धरिन।
दिल्ली अउ गोवा तक बजिस डंका
प्रमिला के हाथ के हुनर ल देख के लोगन अचरज म पड़ गे। गुजरात, गोवा, असम अउ दिल्ली के ‘सरस मेला’ म जाके उमन अपन समान बेचिन। अभी हाल ही म दिल्ली म आयोजित मेला म वो 3 लाख 87 हजार के समान बेच के आए हें। अब तक उमन 1500 ले जादा कलाकृति बना चुके हे अउ कुल 13 लाख ले जादा के बिक्री कर चुके हें।
बस्तर के नाम करिस रौशन
प्रमिला के ये मेहनत ले न सिरिफ ओखर घर के गरीबी दूर होइस, बल्कि बस्तर के कला ल देश भर म नवा पहचान मिलिस। प्रमिला ह सरकार अउ बिहान योजना ल धन्यवाद देहे हे, जेखर से आज वो अपन गोड़ म खड़ा हो पाए हे।

