ब्रिटेन म बने कानून के बदला मा भारत अब अपन कानून ले संचालित होही: उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

नवा कानून म अपराधी ल दण्ड देहे के संगें-संग पीड़ित ल न्याय देहे के भावना
रायपुर, 19 जनवरी 2024। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ह कहिन कि ब्रिटेन म पारित कानून मन ले नहीं अब भारत म बने कानून ले ही देश के संचालन होही। उमन आज इहां राजधानी रायपुर के सर्किट हाउस म गृह विभाग कोति ले ‘‘नवीन कानून: दंड संहिता ले न्याय संहिता की ओर’’ विसय म आयोजित कार्यशाला ल सम्बोधित करत कहिन नवा कानून म अपराधी ल दण्ड दे के संगें-संग पीड़ित ल न्याय देहे के भावना निहित हे। महिला मन अउ लइका मन ल न्याय अउ सुरक्षा देना घलोक ए नवा कानून के प्राथमिकता म सामिल हे। ये नवा कानून निश्चित रूप ले दूरदर्शी सोच अऊ कल्पना के परिणाम ये।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ह कार्यशाला म कहिन कि नवा कानून ले हमर समाज अऊ देश आगू बढ़ही, अब कोनो तारीक पे तारीक नइ दे पावय। समय-सीमा म सबो कानूनी प्रावधान के अंतर्गत कार्रवाई करना होही। नवा कानून म महिला के विरूद्ध घटित अपराध मन के प्रथम सूचना अउ विवेचना महिला अधिकारी मन ले करे के बाध्यकारी प्रावधान हे। अलगावादी क्रियाकलाप या सशस्त्र विद्रोह या विध्वंषक क्रियाकलाप के संग भारत के एकता, अखण्डता या सम्प्रभुता के विरूद्ध कारित अपराध म आजीवन कारावास के प्रावधान करे गए हे।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ह कहिन कि नवा कानून म मुख्यतः औपनिवेशिक कानून म बदलाव, महिला सुरक्षा अउ न्याय, आतंकवाद, संगठित अपराध अउ भारत के सम्प्रभुता, एकता अउ अखण्डता के विरूद्ध अपराध, पीड़ित केन्द्रित कानूनी प्रावधान, अनुसंधान म वैज्ञानिक तकनीक, डिजिटल अउ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के प्रावधान, न्यायालयीन प्रक्रिया ले संबंधित प्रावधान सामिल करे गए हे। उमन धारा 370 के उल्लेख करत कहिन कि आजादी के 70 साल बाद हमार पूर्वज मन के संकल्प ल पूरा करे गए हे। उमन नवा कानून के संबंध म व्यापक रूप ले प्रशिक्षण प्रदान करे, तकनीकी उन्नयन, संसाधन अउ वित्तीय प्रबंधन, अंतर्विभागीय समन्वय अउ नवा कानून के प्रावधान ल लागू करे के संबंध म बात कहीन।
उमन बताइन कि नवा कानून म मॉबलिंचिंग से हत्या के अपराध म सबले जादा, मृत्युदंड तक के प्रावधान करे गए हे। भारतीय दंड संहिता 1860 के स्थान म भारतीय न्याय संहिता 2023 ल अधिसूचित करे गए हे। भारतीय दण्ड संहिता के 511 धारा के जगा म अब 358 धारा हे अउर 23 अध्याय के जगा म 20 अध्याय हे। भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के जगा म भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 ल अधिसूचित करे गए हे, जेमां 484 धारा के जगा म 531 धारा अउ 37 अध्याय के जगा म 39 अध्याय हे। भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1972 के जगा म भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 ल अधिसूचित करे गए हे, जेमां 167 धारा के जगा म 170 धारा हे अउ 11 अध्याय के जगा म 12 अध्याय हे।
सांसद श्री सुनील सोनी ह कार्यक्रम ल सम्बोधित करत कहिन कि नवा कानून के लागू होए ले पीड़ित मन ल लउहे न्याय मिलही अउ पुलिस के विश्वसनीयता बाढ़ही। कार्यशाला म भारतीय न्याय संहिता 2023, नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 अउर भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के बारे म विस्तार ले जानकारी दे गीस। जेमां सदियों ले चले आत औपनिवेशिक कानून म बदलाव करे गए हे। ए बेरा म विधायकद्वय श्री पुरन्दर मिश्रा अऊ श्री मोतीलाल साहू, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अधिवक्तागण, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी, बहुत अकन जनप्रतिनिधिगण, मीडिया के प्रतिनिधि अउ गणमान्य नागरिक बड़ संख्या म उपस्थित रहिन।

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