अंबिकापुर जिला के एक महतारी ह अपन मेहनत ले नवा रस्ता खोजे हे। बोबी राजवाड़े ह बेकरी के काम शुरू करके न केवल अपन घर ला सँवारिस, बल्कि दूसर मन बर घलो मिसाल बनिस।
अंबिकापुर, महतारी मन अब बदलाव के ताकत बन के आगू आवत हें अउ अलग-अलग क्षेत्र म विकास, नवाचार अउ मजबूती ला बढ़ावा देवत आर्थिक सशक्तिकरण के अगुवा बनत हें।
महिला मन के आर्थिक अउ सामाजिक मजबूती म स्व-सहायता समूह मन के बड़का भूमिका हे। एकर एक ठन प्रेरक उदाहरण अंबिकापुर जिला के ग्राम पंचायत महुआटिकरा लब्जी के रहइया श्रीमती बोबी राजवाड़े आय, जे ह समूह ले जुड़ के आत्मनिर्भर बने खातिर एक बड़का कदम बढ़ाइस अउ अपन बेकरी के काम ले परिवार के आर्थिक हालत ला मजबूत बनाइस।
श्रीमती बोबी राजवाड़े ह ‘वनदेवी आजीविका क्लस्टर संघ’ के अंतर्गत ‘जय लक्ष्मी स्व-सहायता समूह’, महुआटिकरा लब्जी के सदस्य हे। समूह म जुड़े के पहिली ओखर परिवार के आर्थिक स्थिति बहुते कमजोर रहिस अउ घर के जरूरत मन ला पूरा करे बर परिवार ला पूरा तरीका ले पुरुष् मन के कमाई ऊपर निर्भर रहे बर परत रहिस। घर के खरचा, लइका मन के पढ़ई अउ इलाज जइसे जरूरत बर कइ पइत साहूकार मन ले ब्याज म पइसा करजा लेहे के मजबूरी रहय, जेखर ले आर्थिक स्थिति अउ जादा मुस्किल हो जात रहिस।
स्व-सहायता समूह म जुड़े के बाद बोबी राजवाड़े ह आत्मनिर्भर बने के संकल्प लीस। ओ ह समूह के माध्यम ले इंटरप्राइजेस फाइनेंस के तहत बैंक ले 2 लाख रूपया के लोन लीस अउ बेकरी के काम शुरू करिस। ओखर ए उदीम ले परिवार के आय म बढ़ोत्तरी होइस अउ ओ ह परिवार के आर्थिक जिम्मेदारी म बढ़-चढ़ के हाथ बँटाय लगिस।
श्रीमती बोबी राजवाड़े ह बताइस के आज बेकरी के काम ले होवइया आय ले ओखर परिवार के छोटे-बड़े जरूरत मन आसानी ले पूरा होवत हे। सबले बड़का बात ए हे के अब ओ ला साहूकार मन के भरोसा नइ रहे बर परय।
बोबी राजवाड़े के ए सफलता ह आस-पास के दूसर महिला मन बर घलो प्रेरणा बनत हे के ओ ह घलो स्व-सहायता समूह ले जुड़ के आत्मनिर्भरता कोती आगू बढ़ंय। शासन के आजीविका मिशन के माध्यम ले समूह मन ला पइसा के मदद अउ ट्रेनिंग देहे जात हे। एकर ले गांव के महतारी मन ला खुद के रोजगार के मउका मिलत हे अउ ओमन आर्थिक रूप ले मजबूत बन के समाज म अपन एक ठन नवा पहिचान बनावत हें।

