रायपुर साहित्य उत्सव 2026 : वाचिक परम्परा म साहित्य ऊपर होइस सार्थक परिचर्चा

वाचिक परम्परा सिरिफ अतीत के धरोहर नो हे, भलुक ए ह समकालीन साहित्य अउ समाज ल समझे के एक ठन सशक्त कुंजी ए रायपुर, रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के अंतर्गत “आदि ले अनादि तक” थीम ऊपर आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम के लड़ी म लाला जगदलपुरी मण्डप म दूसरा सत्र के आयोजन करे गीस। ए सत्र म “वाचिक परम्परा म साहित्य” विषय ऊपर गहिर, विचारोत्तेजक अउ सार्थक परिचर्चा  होइस, जेमा भारतीय साहित्य के मौखिक परम्परा मन के ऐतिहासिक भूमिका अउ समकालीन प्रासंगिकता ऊपर गोठ-बात करे गीस। ए परिचर्चा म नामचीन साहित्यकार श्री…

लाला जगदलपुरी मण्डप म समकालीन महिला लेखन ऊपर सार्थक परिचर्चा

महिला लेखन समाज म सकारात्मक बदलाव के बनत हे सशक्त माध्यम रायपुर, रायपुर साहित्य उत्सव के पहली दिन लाला जगदलपुरी मण्डप म आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम के पहली सत्र म “समकालीन महिला लेखन” विषय ऊपर गहिर अउ सार्थक गोठ-बात होइस। ए सत्र म सुश्री इंदिरा दांगी, सुश्री श्रद्धा थवाईत, सुश्री जया जादवानी अउ सुश्री सोनाली मिश्र ह हिस्सा लेवत महिला लेखन के बदलत भूमिका अउ ओखर सामाजिक प्रासंगिकता ऊपर अपन विचार रखिन। वक्ता मन ह कहिन के समकालीन महिला लेखन अब भावना मन के अभिव्यक्ति के संग ही समाज के सच्चाई,…

गणतंत्र के अमृतकाल म साहित्य उत्सव के आयोजन हमर समृद्ध सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

राष्ट्र निर्माण के नेंव म साहित्य के हमेशा रहीस हे निर्णायक भूमिका: मुख्यमंत्री श्री साय साहित्य आशा, साहस अउ सामाजिक चेतना जगाये के सबले सशक्त माध्यम: उप सभापति श्री हरिवंश रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के होइस भव्य शुभारंभ: देशभर के 120 साहित्यकार, 42 सत्र मन म करहीं गोठ-बात रायपुर, राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर म रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के भव्य शुभारंभ होइस। उद्घाटन समारोह राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश के मुख्य आतिथ्य अउ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता म सिराइस (संपन्न होइस)।…