राष्ट्रीय बागवानी बनिस आर्थिक बढ़ोतरी के आधार
महासमुंद, पुरखउती धान के खेती तक सीमित रहइया किसान दीपक हा आज अपन इलाका म उद्यानिकी खेती के एक नवा चिन्हारी बन चुके हे। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत मिले तकनीकी सहायता अऊ आधुनिक खेती के तरीका मन ला अपनाके ओ ह सिरिफ अपन कमई ला कइ गुना बढ़ाए भर नो हे, बल्कि आसपास के किसान मन बर घलो प्रेरक बन गे हे।
महासमुंद जिला के बसना विकासखंड के बंसुलीडीह गांव के रहइया आगू बढ़त किसान दीपक हा बछर 2025-26 म राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत भाजी-पाला क्षेत्र बिस्तार कार्यक्रम ले जुड़के करेला उगाए के सुरू करिस। उद्यानिकी बिभाग के देख-रेख म ओहर अपन एक हेक्टेयर सिंचित जमीन म आधुनिक तकनीक के संग खेती के नवा रद्दा चुनिस।
दीपक हा बताथे के करेला के फसल म टपक सिंचाई, मल्चिंग अऊ आधुनिक खेती के असरदार औजार मन के उपयोग ले ओला उमीद ले बढ़िया नतीजा मिलिस। ए तकनीक मन के सेती फसल के गुन म सुधार होइस, खरचा हा काबू म आइस अऊ उपज म घलो बड़का बढ़वार देखे ला मिलिस।
पहिली ओहर अपन जमीन म धान के खेती करत रहिस, जेकर से साल भर म लगभग 42 हजार रुपिया के लाभ मिलत रहिस। ओहर करेला के व्यवसायिक खेती अपनाइस। ओला प्रति एकड़ लगभग 18 टन करेला के उपज मिलिस। बजार म करेला के औसतन भाव 30 रुपिया प्रति किलोग्राम मिले ले ओकर कमई म अचरज कर दवइया बढ़वार दरज करे गीस।
बढ़िया उपज अऊ बजार म बने भाव मिले के सेती ओला लगभग 2.95 लाख रुपिया के सुध मुनाफा होइस। ए कमई हा ओकर पहिली के खेती ले कतकोन गुना जादा हे। दीपक के कहना हे के उद्यानिकी खेती हा ओकर परिवार के आर्थिक हालत ला मजबूत करे हे। बाढ़त कमई ले परिवार के जीवन स्तर हा पहिली ले बढ़िया हो गे हे।

