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छत्तीसगढ़ के कलाकार मन ही छत्तीसगढ़ के कला-संस्कृति ल जिन्दा रखे के काम करे हें: श्री ताम्रध्वज साहू

संस्कृति मंत्री आज ठेकवा मं स्वर्गीय श्री खुमान साव के दशगात्र कार्यक्रम मं सामिल होइन
‘श्रद्धांजलि खुमान साव’ सीरसक ले प्रकाशित पुस्तक के विमोचन

रायपुर, संस्कृति मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ह कहिन कि छत्तीसगढ़ के कलाकार मन ही छत्तीसगढ़ के कला-संस्कृति ल जिन्दा रखे अऊ संवारने के काम करे हें। मैं एखर बर सबो कलाकार मन ल बधाई देत हंव। श्री साहू ह आज छत्तीसगढ़ी लोककला के पुरोधा स्वर्गीय श्री खुमान साव के निवास राजनांदगांव जिला के ग्राम ठेकवा म आयोजित ऊंखर दशगात्र कार्यक्रम म ए आशय के विचार व्यक्त करिन। संस्कृति मंत्री श्री साहू ह ए अवसर म स्वर्गीय श्री खुमान साव के संस्मरण ले संबंधित कई ठन आलेख मन उपर केन्द्रित पुस्तक ‘श्रद्धांजलि खुमान साव’ के विमोचन घलोक करिन।

श्री साहू ह कार्यक्रम के शुरूआत म स्वर्गीय श्री खुमान साव के फोटू म पुष्प अर्पित करके ओ मन ल भावभीनी श्रद्धांजलि दीन। संस्कृति मंत्री ह स्वर्गीय श्री साव के परिजन मन ले भेंट करके संवेदना प्रकट करिन। स्वर्गीय श्री खुमान साव के दशगात्र कार्यक्रम म पद्मश्री सम्मान प्राप्त छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायिका श्रीमती ममता चंद्राकर, गायिका श्रीमती कविता वासनिक, डोंगरगढ़ विधायक श्री भुनेश्वर बघेल, संचालक संस्कृति श्री अनिल साहू, उप संचालक श्री राहुल सिंह, श्री अशोक तिवारी, श्री वीरेन्द्र बहादुर सिंह संग बड़ संख्या म छत्तीसगढ़ी कलाकार, छत्तीसगढ़ी फिल्म बनइया, निर्देशक, गीतकार अऊ संगीतकार सामिल होइन अऊ ओ मन ल श्रद्धांजलि दीन।

संस्कृति मंत्री श्री साहू ह कहिन कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति हमर विरासत ये, हमर शाश्वत पहिचान ये। एला अपन-अपन तरीका ले संरक्षित करे बर हम सबला काम करना चाही। छत्तीसगढ़ी संस्कृति ले ही हमर पहिचान हे। छत्तीसगढ़ के सहजता, सरलता, सदभाव अऊ अपनापन ल सब जानथें। श्री साहू ह कहिन कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साफ कहना हे कि भौतिक विकास एक तरफ अऊ छत्तीसगढ़ के बोली, रहन-सहन, खान-पान एक तरफ हे। उमन बताइन कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ह रायपुर म स्वर्गीय श्री खुमान साव के प्रतिमा स्थापित करे के घोषणा करे हें। मुख्यमंत्री ह स्वर्गीय श्री साव के नाम ले पुरस्कार शुरू करे अऊ छत्तीसगढ़ी कला म आधारित एक दिन के कार्यक्रम हर साल करे के घोषणा घलोक करे हें। संस्कृति मंत्री ह कहिन कि हमर सरकार छत्तीसगढ़ के संस्कृति ल संरक्षित करे के बीड़ा उठाये हे। प्रदेश सरकार ह छत्तीसगढ़ के संस्कृति के ध्वज वाहक हे। सरकार बनतेच विधानसभा म सबले पहिली संशोधन राजिम कुंभ के जगा राजिम पुन्नी मेला आयोजित करे बर करे गीस। पाछू राजिम पुन्नी मेला म छत्तीसगढ़ के संस्कृति के झलक देखे ल मिलीस। राजिम पुन्नी मेला म जगा-जगा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक खेल देखे ल मिलिस। छत्तीसगढ़ के कला के कई ठन विधा मन के आनंद घलोक दर्शक मन ल मिलीस। सही मायने म राजिम पुन्नी मेला म छत्तीसगढ़ के कला-संस्कृति के संगम होए रहिस। जुन्‍ना राजिम पुन्नी मेला के वैभव ल पुनर्जीवन मिलीस। आगू साल राजिम पुन्नी मेला ल छत्तीसगढ़ी संस्कृति ले अऊ जादा संवारके भव्य स्वरूप दे जाही।

संस्कृति मंत्री श्री साहू ह दशगात्र कार्यक्रम म कहिन कि हम अइसन महान मनखे ल श्रद्धासुमन अर्पित करे उपस्थित होए हन जेमन अपन पूरा जीवन छत्तीसगढ़ के लोककला ल आगू बढ़ाए म समर्पित करे हे। छत्तीसगढ़ के कला-संस्कृति ले मया करइया सबो मनखे मन ल श्री खुमान साव के जाय ले पीरा हे। छत्तीसगढ़ के कलाकार मन ल स्वर्गीय श्री खुमान साव ले प्रेरणा मिलत रहिस। श्री साहू ह कहिन कि मोला ए बात के खुशी हे कि श्री खुमान साव के निधन के बाद ओ मन ल स्वराजंलि के माध्यम ले श्रद्धांजलि देहे बर रायपुर, राजनांदगांव के संगें-संग प्रदेश भर म सरलग कार्यक्रम आयोजित करे जात हे। श्री साहू ह कहिन कि विकास के प्रक्रिया म चाहे कतका भवन बना लव, फेर ये बात निश्चित हे कि जब तक हमर संस्कृति सुरक्षित हे, तब तक हम घलोक सुरक्षित हवन।

दशगात्र कार्यक्रम म पद्मश्री सम्मान प्राप्त छत्तीसगढ़ी गायिका श्रीमती ममता चंद्राकर, गायिका श्रीमती कविता वासनिक संग आन कलाकार मन ह स्वर्गीय श्री खुमान साव के संगीत ले सजे बेहद लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी गाना गाके ओ मन ल श्रद्धांजलि दीन।

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