सेटरिंग प्लेट ले सालाना 3. 60 लाख रूपिया के आमदनी
दुर्ग, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत ग्रामीण महिला मन ल आत्मनिर्भर बनाए के दिशा म करे जात उदीम के सकारात्मक परिणाम देखे जात हे। दुर्ग जिला के ग्राम पंचायत रिसामा के कल्याणी स्व-सहायता समूह के सदस्य अऊ सचिव श्रीमती खेमीन निर्मलकर ह स्व सहायता समूह के माध्यम ले सशक्तिकरण के एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करे हे। पहिली मजदूरी करके आजीविका चलइया खेमीन दीदी ह बिहान योजना ले जुड़के सेटरिंग प्लेट निर्माण जइसे व्यवसाय ल अपनाइस।
समूह के माध्यम ले ओहा अढ़ाई लाख रूपिया के बैंक ऋण अऊ एक लाख रूपिया के अपन पूंजी निवेश करके कुल साढ़े तीन लाख रूपिया के 2000 वर्ग फुट सेटरिंग प्लेट बनवाइस। अभी खेमीन दीदी के सेंटरिंग प्लेट मन के उपयोग 100 ले जादा प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास अउ 100 ले जादा निजी निर्माण कार्य म हो गए हे। वोला हरेक 1000 वर्ग फुट प्लेट ले 12 हजार रूपिया के शुद्ध आय होवत हे। ए प्रकार ले 10 महिना के काम म ओखर वार्षिक आय 3.60 लाख रूपिया हो जात हे।
खेमीन निर्मलकर न केवल स्वयं सशक्त होए हे बल्कि आन महिला मन बर भी प्रेरणा के स्रोत बन गए हे। वो अभी दुर्ग जिला के रिसामा, चंदखुरी, उटई, घुघसीडीह, मचांदूर, कुकरैल, अण्डा, चिरपोटी समेत बालोद जिला के ओटेबंद, सुखरी, पांगरी जइसे कई गांव म प्रधानमंत्री आवास योजना अउ निजी निर्माण कार्य बर सेटरिंग प्लेट उपलब्ध करावत हे।
स्व सहायता समूह के खेमीन निर्मलकर महिला उद्यमिता के बनिस मिसाल

