आदिवासी क्षेत्र मन के जम्मो विकास के लक्ष्य लेके आगू बढ़त हे सरकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

जुन्‍ना संस्कृति अउ परंपरा ला सहेजे म आदिवासी समाज के ऐतिहासिक भूमिका
‘जनजातीय गौरव पथ’ बनाय अउ महापुरुष मन के मूर्ति लगाय के घोषणा
गौरा पूजा अउ बैगा पुजेरी सम्मेलन म मुख्यमंत्री श्री साय होइन सामिल

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय काली कोरबा जिला के महर्षि वाल्मीकि आश्रम, आईटीआई रामपुर म आयोजित गउरा पूजा महोत्सव अउ बैगा पुजेरी सम्मेलन म सामिल होइन। उमन गौरा-गौरी पूजा अउ बैगा पुजारी सम्मेलन के बधाई देवात कहिन के आदिवासी समाज के अपन गौरवशाली इतिहास, अलग किसम के संस्कृति अउ समृद्ध परंपरा हे। बैगा अउ पुजेरी समाज आज घलो ये परंपरा मन ला बचाय म बड़ महत्व के भूमिका निभावात हें।
मुख्यमंत्री श्री साय ह ये मौका म आईटीआई चौक ले बालको रोड के नांव ‘जनजातीय गौरव पथ’ रखे अउ ये रद्दा के सुरु होय जगा म आदिवासी महापुरुष मन के मूर्ति लगाय के घोषणा करिन।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन के देस के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ह छत्तीसगढ़ राज्य ला एदे खातिर बनाए रिहिन ताकि इहां के सबले जादा आबादी वाले आदिवासी समाज ला विकास के मुख्यधारा म आगू बढ़ाए जा सके। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ह आदिवासी समाज के मान-सम्मान बढ़ाए बर 15 नवंबर शहीद बिरसा मुंडा जयंती ला जनजातीय गौरव दिवस घोषित करत ‘धरती आबा उत्कर्ष योजना’ सुरु करिन। एकर संगे-संग पीएम जनमन योजना के माध्यम ले विशेष पिछड़ी जनजाति मन ला विकास के दायरा म लाए के बूता तको करे जात हे।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन के ये गर्व के बात आय के आज देस के सबले बड़े संवैधानिक पद म आदिवासी समाज के बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु बिराजे हें अउ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री घलो एक साधारण किसान परिवार ले आए वाला आदिवासी समाज के बेटा आय।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन के धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना बर 80 हजार करोड़ रूपिया अउ पीएम जनमन योजना बर 24 हजार करोड़ रूपिया के प्रावधान करे गे हे, जेकर ले छत्तीसगढ़ के 6,691 गांव ला लाभ मिलत हे। उमन कहिन के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर सहित दूसर पीवीटीजी समुदाय मन ला ऊपर उठाए बर विशेष प्रयास करे जावत हे। आदिवासी अंचल मन म सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा अउ दूसर बुनियादी सुविधा मन के तेजी ले विस्तार होवत हे। ए खातिर राज्य म प्राधिकरण बना के आदिवासी अउ पिछड़ा क्षेत्र मन म विकास के काम ला अउ तेजी दे जावत हे।
मुख्यमंत्री श्री साय ह अपन जीवन के बारे म गोठियावत कहिन के अपन पढ़ाई पूरा करे के बाद उमन खुद घलो वनवासी कल्याण आश्रम म कार्यकर्ता के रूप म काम करे हें। उमन कहिन के आदिवासी समाज आदिकाल ले भगवान गौरा-गौरी के रूप म शिव-पार्वती के उपासक रहे हें।
उमन कहिन के जनजातीय समाज के महापुरुष मन के योगदान ला सुरता राखे बर, उंकर स्मृति ला सहेजे बर अउ नई पीढ़ी ला उंकर बारे म जानकारी देहे के उद्देस्य ले नवा रायपुर म बड़ भारी डिजिटल जनजातीय संग्रहालय बनाए गे हे, जेमा महापुरुष मन के जीवन-गाथा के फोटो सहित वर्णन करे गे हे।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन के जनजातीय संस्कृति अउ परंपरा मन ला सहेजे बर प्रोत्साहन दे खातिर बैगा, गुनिया अउ सिरहा मन ला हर बछर 5,000 रूपिया के सम्मान निधि दे जावत हे। संगे-संग सरना स्थल मन ला घलो सहेजे जाही, जेकर ले न केवल सांस्कृतिक धरोहर के रक्षा होही भलुक आर्थिक सशक्तिकरण के दिशा म घलो एक ठन बड़े कदम साबित होही।
सम्मेलन ला संबोधित करत उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ह कहिन के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी विकसित भारत के लक्ष्य लेके आगू बढ़त हे, वइसनेच मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के अगुवइ म विकसित छत्तीसगढ़ के दिशा म तेजी ले काम होवत हे। उमन कहिन के जिला म कतको पुराना देवी-देवता मन के जगा हे, जेला मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन म विकसित करके पर्यटन के रूप म नई पहिचान दे जावत हे।
कार्यक्रम म कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी श्री पनतराम भगत अउ श्री बीरबल सिंह ह घलो संबोधन दीन। ये मौका म महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, पूर्व मंत्री श्री ननकी राम कंवर, वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि मन अउ बड़ी संख्या म गणमान्य नागरिक उपस्थित रहिन।

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