सनातन परंपरा अउ आध्यात्मिक चेतना के सशक्त संगम आय शिव पुराण: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री के माता श्री हीराबेन मोदी के पुण्य सुरता म आयोजित शिव महापुराण कथा म शामिल होइन मुख्यमंत्री

रायगढ़, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ह कहिन के सनातन परंपरा अउ आध्यात्मिक आयोजन मन ले समाज म नैतिकता, संस्कार अउ सामाजिक समरसता ल ताकत मिलथे। उमन आज रायगढ़ जिला के बरगढ़ खोला अंचल के गांव-खम्हार म आयोजित श्री शिव महापुराण कथा ल संबोधित करत रहिन।
ये बात जानबा लायक हे के ए कथा के आयोजन देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के माताश्री हीराबेन मोदी के पुण्य सुरता म श्रद्धांजलि के रूप म करे जात हे। कार्यक्रम म मुख्यमंत्री ह विधि-विधान ले पूजा-पाठ कर के भगवान शिव ले प्रदेश के जनता बर सुख, समृद्धि के कामना करिन। उमन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास श्री कृष्णा दुबे महाराज ले भेंट कर के उंकर आशीर्वाद लीन।
मुख्यमंत्री श्री साय ह छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक अउ धार्मिक विरासत के गोठ गोठियावत कहिन के ये उही भुंइया हरे जिहां प्रभु श्रीराम ह अपन वनवास काल के जादा समय बिताए रहिन। माता शबरी के जूठा बोइर के महिमा आज घलो जियत-जागत हे। उमन कहिन के अयोध्या म प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर म प्राण-प्रतिष्ठा के मौका म छत्तीसगढ़ के महकत चाउंर ले बने प्रसाद चढ़ाए गीस, जे ह राज्य बर गर्व के बात हरे।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन के छत्तीसगढ़ सरकार कोति ले चलाए जात रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक दू बच्छर म 40 हजार ले जादा श्रद्धालु मन अयोध्या दर्शन कर चुके हें। उहें मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत 19 चिन्हांकित तीर्थ स्थल मन के यात्रा करावत अब तक 5 हजार ले जादा सियान मन ल लाभ देहे गे हे। कार्यक्रम ल वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ह घलो संबोधित करिन।
श्री शिव महापुराण कथा के वाचन अकोला (महाराष्ट्र) ले पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास श्री कृष्णा दुबे महाराज के द्वारा संगीतमय शैली म करे जात हे, जेमा भगवान शिव, माता पार्वती सहित पूरा शिव चरित्र के भावपूर्ण वर्णन करे जात हे।
कार्यक्रम म लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया अउ श्रीमती कमलेश जांगड़े, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा गबेल, रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष खरसिया श्री कमल गर्ग सहित कतको जनप्रतिनिधि अउ भारी संख्या म श्रद्धालु मन उपस्थित रहिन।

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