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छत्तीसगढ़ के धरती जनजातीय शौर्य अउ बलिदान के साक्षी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Shahid Gaind Singh Martyrdom Day

मुख्यमंत्री शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वां शहादत दिवस अउ श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम म शामिल होइन
शहीद गैंदसिंह के नाम म चौक, मूर्ति स्थापना अउ सामाजिक केंद्र मन के घोषणा

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान म साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर म आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वां शहादत दिवस अउ श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम म शामिल होइन। ए मौका म मुख्यमंत्री श्री साय ह महान जनजातीय नायक अउ स्वतंत्रता संग्राम के अगुआ शहीद गैंदसिंह ल सुरता करत ओ मन ल श्रद्धांजलि अर्पित करिन।
कार्यक्रम के बेरा म मुख्यमंत्री श्री साय ह शहीद गैंदसिंह के सम्मान म नवा रायपुर म चौक के नामकरण अउ मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, अउ बालोद जिला के देवरी, कांकेर जिला के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव अउ बस्तर जिला के भानपुरी अउ करूटोला म हल्बा समाज के सामाजिक केंद्र मन के निर्माण बर हर एक जगा बर 10-10 लाख रूपिया देहे के घोषणा करिन। एखर संग ग्राम कितूर म रंगमंच निर्माण अउ चपका बस्तर म श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार के घलो घोषणा मुख्यमंत्री ह करिन।
कार्यक्रम ल संबोधित करत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ह कहिन के जनजातीय समाज के इतिहास बहुत गौरवशाली अउ समृद्ध रहे हे। उमन कहिन के देश म स्वतंत्रता संग्राम के शुरूआत भले ही साल 1857 ले माने जाथे, फेर ओखर ले बहुत पहिली ही छत्तीसगढ़ के धरती म जनजातीय क्रांति के गूंज सुनाए बर लग गे रिहिस। महान क्रांतिकारी शहीद गैंदसिंह अंगरेज हुकूमत ले लड़ाई ल लड़त साल 1825 म शहीद होइन, अउ ओ समय म घलो आदिवासी समाज ह आजादी के लड़ाई म आघू रहिन।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन के छत्तीसगढ़ म एक-दू नहीं भलुक कुल 14 जनजातीय क्रांति होइस, जेन ह अंगरेज मन के सत्ता के नेव ल हला दीस। ए धरती शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह अउ वीर गुण्डाधुर जइसे महान जननायक मन के भूमि रहे हे। उमन कहिन के दुर्भाग्य ले ए वीर अउ जनजातीय नायक मन ल लंबा समय तक इतिहास के पन्ना म सही जगा नहीं मिलिस। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ह जनजातीय नायक मन के योगदान ल राष्ट्रीय स्तर म सम्मान देवाए के काम करे हे।
मुख्यमंत्री ह कहिन के छत्तीसगढ़ म होय 14 जनजातीय क्रांति उपर आधारित ट्राइबल म्यूजियम नवा रायपुर म बनाए गे हे, जेखर लोकार्पण खुद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ह करे हे। ए संग्रहालय म ए सबो क्रांति के सचित्र विवरण अउ गहिर जानकारी देहे गे हे। उमन नागरिक मन ले आग्रह करिन के सबो झन ए म्यूजियम ल जरूर देखव, ताकि छत्तीसगढ़ के बलिदानी धरती म जनजातीय नायक मन के योगदान ल बढ़िया से समझे जा सकय।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन के आज देश के सबले ऊंच पद म जनजातीय समाज के बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू बिराजे हे अउ छत्तीसगढ़ प्रदेश के नेतृत्व घलो जनजातीय समाज के बेटा के हाथ म हे। उमन कहिन के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ह जनजातीय समाज के चौमुखी विकास बर ऐतिहासिक फइसला लीन्। उंखर नेतृत्व म जनजातीय कार्य मंत्रालय के गठन करे गीस, जेन आज हजारों करोड़ रूपिया के बजट के संग जनजातीय समाज के विकास ल नवा दिशा देवत हे।
मुख्यमंत्री ह कहिन के भगवान बिरसा मुंडा के जयंती 15 नवंबर ल ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप म मनाए के फइसला ऐतिहासिक हे। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना अउ प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम ले जनजातीय समाज के कल्याण के नवा कहानी लिखे जावत हे। जनजातीय बहुल क्षेत्र मन म सड़क, बिजली, पानी जइसे मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराए के काम राज्य सरकार कोति ले प्राथमिकता ले करे जावत हे। ए योजना मन के सही क्रियान्वयन बर छत्तीसगढ़ ल राष्ट्रीय स्तर म सम्मान घलो मिले हे।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन के हमर पुरखा मन ह शिक्षा ल विकास के मूलमंत्र बताए हे। शिक्षा के क्षेत्र म छत्तीसगढ़ ह काफी तरक्की करे हे अउ आज प्रदेश म आईआईएम, आईआईटी अउ एम्स जइसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान चलत हे। उमन समाज के सियान मन ले शिक्षा ल बढ़ावा दे बर, शासन के योजना के जानकारी समाज तक पहुंचाए बर अउ युवा मन ल अपन अधिकार अउ लक्ष्य के प्रति जागरूक करे के आग्रह करिन।
मुख्यमंत्री ह कहिन के बस्तर अंचल म नक्सलवाद लंबा समय तक विकास म सबले बड़का बाधा रिहिस, फेर डबल इंजन सरकार के संकल्प अउ हमर सुरक्षा बल के अदम्य साहस ले ए बाधा ल दूर करे जावत हे। कइ बछर ले विकास ले वंचित ए अंचल म अब विकास के नवा धारा बोहात हे।
ए मौका म कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा ह कहिन के शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहिली वीर शहीद जननायक रिहिन, जेमन साल 1824-25 म अंगरेज हुकूमत के खिलाफ संघर्ष के बिगुल फूंक दीन्। उमन अंगरेज मन कोति ले संसाधन के लूट अउ आदिवासी मन के शोषण के खिलाफ साहसिक लड़ाई लड़िन। उमन कहिन के देश के स्वतंत्रता संग्राम म छत्तीसगढ़ के जनजातीय नायक मन के योगदान अतुलनीय रहे हे।
कार्यक्रम म अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र माहला, महामंत्री श्री गिरवर सिंह ठाकुर, श्री महेश गागड़ा समेत समाज के कई ठन गणमान्य नागरिक बड़का संख्या म उपस्थित रिहिन।

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