मजदूरी ले स्वरोजगार कोति: दीदी ई-रिक्शा योजना ह सँवारिस सुषमा सतनामी के जिनगी

रायपुर, छत्तीसगढ़ भवन अउ अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल म दर्ज महिला निर्माण श्रमिक (रेजा) श्रीमती सुषमा सतनामी, रहइया ग्राम तेन्दूकोन्हा ला मंडल कोति ले चलत “दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” के अंतर्गत ₹1,00,000/- के सहायता राशि दे गीस।
श्रीमती सुषमा सतनामी पहिली एक निर्माण श्रमिक (रेजा) के रूप म बूता करत रहिस, जबकि वोकर घरवाला राजमिस्त्री के काम करथे। वोकर दू झिन लइका 7वीं अउ 5वीं कक्षा म पढ़त हे। रोज के मजदूरी वाले आमदनी के सेती परिवार के जरुरत अउ लइका मन के पढ़ाई-लिखाई के खरचा ला पूरा करना बड़ मुस्किल रिहिस।
इही बीच श्रम विभाग ले संपर्क करे म ओ ला छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग के अंतर्गत छ.ग. भवन अउ अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा महिला निर्माण श्रमिक मन के आर्थिक सशक्तिकरण अउ स्वरोजगार ला बढ़ावा दे बर चलत “दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” के जानकारी मिलिस। योजना के तहत कम से कम 03 बछर ले मंडल म दर्ज, 18 ले 50 बछर उमर वाले पात्र महिला निर्माण श्रमिक मन ला स्वरोजगार बर आर्थिक सहायता देहे जाथे।
जानकारी मिले के बाद श्रीमती सुषमा ह सबो जरूरी कागज-पत्तर (दस्तावेज) के संग श्रम विभाग के पोर्टल म ऑनलाइन आवेदन करिस। आवेदन के सही-सही जाँच के बाद पात्र पाए जाए म कर्मकार कल्याण मंडल ह सीधा वोकर बैंक खाता म ₹1,00,000/- के सहायता राशि भेज दीस।
ये सहायता ले श्रीमती सुषमा ह ई-रिक्शा किन के धमतरी शहर म चलाय बर सुरु करिस। अभी ओ ला हर दिन लगभग ₹500 ले ₹700 के सरलग आमदनी होवत हे, जेकर ले वो अपन परिवार के पालन-पोषण अउ लइका मन के पढ़ाई-लिखाई बढ़िया ढंग ले कर पावत हे। एकर ले वोकर परिवार के आर्थिक स्थिति म बड़ सुधार होय हे अउ आत्मनिर्भरता के दिशा म मजबूत कदम बढ़े हे।
श्रीमती सुषमा सतनामी ह योजना ले लाभ मिले म मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, श्रम मंत्री, कलेक्टर, जिला धमतरी अउ श्रम विभाग के अधिकारी अउ कर्मचारी मन के आभार मानत कहिस के ये योजना वोकर जइसे श्रमिक परिवार मन बर आसा, सम्मान अउ आत्मनिर्भरता के मजबूत आधार बने हे।
“दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” महिला श्रमिक मन ला स्वरोजगार ले जोड़ के न केवल आर्थिक रूप ले मजबूत करत हे, भलुक सामाजिक सम्मान अउ सुरक्षित भविष्य कोति घलो रद्दा देखावत हे।

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