वैज्ञानिक खेती ले लहुटत हे किसान मन के भाग, करेला उपज ले किसान बजरंग बनिस आत्मनिर्भरता के मिसाल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के अगुवई मं राज्य सरकार किसान मन के कमई बढ़ाये, खेती ला फायदेमन्द बनाये अउ आधुनिक कृषि तकनीक मन के विस्तार बर सरलग उदीम करत हे। राज्य शासन के किसान हितैषी नीति मन अउ उद्यानिकी विभाग के सही मारगदरसन के सुघर नतीजा अब ग्रामीण क्षेत्र मं साफ रूप ले दिखे लगे हे। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला के गौरेला विकासखंड मं बसे गाँव कोटरियाडांड के आगु बढ़े किसान श्री बजरंग एकर प्रेरक मिसाल बनके आगु आए हे, जेन वैज्ञानिक खेती अपनाके करेला उपज मं सुघर सफलता पाए हे।
श्री बजरंग पहिली पारंपरिक खेती करत रहिस, जेकर से उपज कमती होवय अउ सोच के मुताबिक आर्थिक लाभ नइ मिल पात रहिस। राज्य शासन के योजना मन के तहत उद्यानिकी विभाग के अधिकारी मन ओला वैज्ञानिक खेती के नवा तकनीक, उन्नत उपज तरीका अउ आधुनिक फसल व्यवस्था के प्रशिक्षण दीन। रोज के तकनीकी मारगदरसन अउ बिसेसज्ञ मन के सलाह ले ओ ह अपन खेती मं आधुनिक कृषि तकनीक मन ला अपनाये के फैसला करिस।
ओ ह एक एकड़ मं करेला के खेती करत मल्चिंग तकनीक, ट्रेलिस (सहारा) प्रणाली, संतुलित पोसन व्यवस्था, सही समय मं सिंचाई अउ समेकित कीरा अउ रोग व्यवस्था (आईपीएम) जइसे वैज्ञानिक तरीका मन के उपयोग करिस। ए तकनीक मन के असर ले फसल के बढ़वार बढ़िया होईस, उपज के गुन मं सुघर सुधार आईस अउ बाजार मं ओकर उपज ला बढ़िया दाम मिलिस। नतीजा ए होईस के ओकर आय मं सुग्‍घर बढ़ोतरी होईस अउ करेला के खेती ओकर बर फायदेमन्द कारोबार के रूप ले लेहे हे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साफ उद्देस हे के प्रदेश के हरेक किसान आधुनिक तकनीक मन ले जुड़के कम खरचा मं जादा उपज पावँय अउ खेती ला थिर रूप ले फायदेमन्द बनाए जा सकय। इही सोच के हिसाब ले राज्य सरकार कृषि अउ उद्यानिकी क्षेत्र मं नवा तकनीक मन के विस्तार, किसान मन के प्रशिक्षण, तकनीकी सलाह अउ विभागीय सहयोग ला सरलग बढ़ावा देवत हे। एकर लाभ प्रदेश के हजारों किसान उठावत हें अउ वैज्ञानिक खेती कोती तेजी ले आगु बढ़त हें।
श्री बजरंग के सफलता ह खाली ओकर परिवार के आर्थिक स्थिति ला मजबूत नइ करिस, भलुक गाँव कोटरियाडांड संग तीर-तखार के गाँव मन के किसान मन मं घलो नवा सोच अउ आत्‍मबिस्वास के संचार करिस। अब कइयोन किसान उद्यानिकी विभाग के पंदोली म भाजी-पाला फसल मन के वैज्ञानिक खेती अपनाये बर आगु आवत हे। एकर ले क्षेत्र मं व्यावसायिक उद्यानिकी ला नवा रफ़्तार मिले के संग ग्रामीण अर्थव्यवस्था ला घलो मजबूती मिलत हे।

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