रायपुर, छत्तीसगढ़ के धरती 1 नवंबर के एक ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनही, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के लोकार्पण करहीं। ये देश के पहिली डिजिटल ट्राइबल म्यूज़ियम हे, जेन उन आदिवासी वीर न के स्मृति ल समर्पित हे जे मन ह अंगरेजी हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस देखाइन।
नवा रायपुर के सेक्टर-24 म करीब 50 करोड़ रूपिया के लागत ले बने ये संग्रहालय आधुनिक डिज़ाइन अऊ अत्याधुनिक तकनीक के चिन्हारी हे। ये मां वीएफएक्स, डिजिटल प्रोजेक्शन, टच स्क्रीन अऊ क्यूआर कोड स्कैनिंग जइसे सुविधा हे, जेखर से आगंतुक इतिहास ल डिजिटल रूप म अनुभव कर सकहीं।
संग्रहालय म छत्तीसगढ़ के प्रमुख आदिवासी आंदोलन जइसे हल्बा, सरगुजा, भूमकाल, सोनाखान अऊ जंगल सत्याग्रह ल 14 सेक्टर म प्रदर्शित करे ग हे। परिसर म वीर नारायण सिंह के भव्य स्मारक, भगवान बिरसा मुंडा अऊ शहीद गैंदसिंह के मूर्ति स्थापित करे गए हे।
संग्रहालय के प्रवेश द्वार पारंपरिक नक्काशी ले सुसज्जित हे, जबकि परिसर म 1400 साल जुन्ना साल, महुआ अऊ साजा रूख मन के प्रतिकृति हे जिंकर पाना मन म विद्रोह मन के डिजिटल कहानी अंकित हे।
दिव्यांगजन मन खातिर विशेष सुविधा, ट्राइबल आर्ट ले सजे गलियारा अऊ सेल्फी पॉइंट एला जीवंत अनुभव बनाथे। ये स्मारक इतिहास, परंपरा अऊ आधुनिकता के अद्भुत संगम हे — जेन अवइया पीढ़ी मन ल छत्तीसगढ़ के वीर नायक मन के गौरवगाथा ले जोड़ही।
वीरता, विरासत अऊ तकनीक के संगम — प्रधानमंत्री मोदी करही देश के पहिली डिजिटल जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण

