मछली पालन ले बदलिस जिंदगी: लिखमनिया बाई ल 10 महिना म एक लाख रुपया के सुध लाभ

मछली पालन ले बदलिस जिंदगी: लिखमनिया बाई ल 10 महिना म एक लाख रुपया के सुध लाभ

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, छत्तीसगढ़ सरकार के जनकल्याणकारी योजना मन ग्रामीण महिला मन ल आत्मनिर्भर बनाए म बड़का भूमिका निभावत हे। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला के पेण्ड्रा विकासखण्ड के ग्राम गोढ़ा के श्रीमती लिखमनिया बाई मिन्ज ह मछली पालन के व्यवसाय ले सिरिफ 10 महिना म एक लाख रुपया के सुध मुनाफा कमा के सफलता के नवा मिसाल पेस करे हे।
लिखमनिया बाई ह बताइस के सहायक संचालक, मछली पालन विभाग जीपीएम कार्यालय ले संपर्क करे म ओला कम जगा म ‘लाईनर पोण्ड’ बनाके वैज्ञानिक तरीका ले मछली पालन के सलाह अउ तकनीकी मार्गदर्शन मिलिस। विभाग के सहयोग अउ सासन के आर्थिक मदद ले ओहा अपन निजी जमीन म लाईनर पोण्ड के निर्माण करके काम के सुरूआत करिस। लिखमनिया बाई के कहना हे के ए योजना के माध्यम ले ओहा आर्थिक रूप ले मजबूत अउ आत्मनिर्भर बने हे।
योजना के तहत ओकर कुल परियोजना लागत 14 लाख रुपया मंजूर होय रहिस, जेमा ले 60 प्रतिशत यानी 8 लाख 40 हजार रुपया के अनुदान राशि सीधा ओकर खाता म मिलिस।
सरलग मिहनत अउ तकनीकी मार्गदर्शन के फलस्वरुप लिखमनिया बाई ह लगभग 10 महिना म 2 टन मछली बेचे हे, जेकर ले ओला 2 लाख 20 हजार रुपया के आमदनी होइस। एमा ले 1 लाख रुपया के सुध लाभ मिलिस। अभी घलो ओकर तरिया म 8 ले 10 क्विंटल मछली हे, जेला बेचे ले ओकर आय म अउ बढ़ोत्तरी होही।
छत्तीसगढ़ सरकार के उदेस हे के जादा ले जादा ग्रामीण परिवार, बिसेस करके महिला मन, सरकारी योजना मन के लाभ लेके स्वरोजगार ले जुड़ंय अउ अपन आय ल बढ़ावंय। लिखमनिया बाई के सफलता ह दूसर गाँव वाला मन बर प्रेरणा के सोत आय।

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