आत्मनिर्भरता अऊ आर्थिक स्थिरता के मजबूत आधार बनिस-मत्स्य पालन

ग्रामीण समृद्धि के नवा पहिचान, तकनीक अऊ मेहनत ले तरक्की के सफर
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती महोत्सव 2025 के ये विशेष साल, प्रदेश के पूरा विकास के गौरवशाली गाथा ल रेखांकित करे हे। ए 25 बछर म प्रदेश के सबो विभाग मन ह जनकल्याण अऊ सामाजिक उत्थान के दिशा म महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करे हे। एमां बिलासपुर जिला के मत्स्य पालन विभाग एक अइसन मिसाल बनके उभरे हे, जेन हर जल संसाधन मन के माध्यम ले गांव-गांव म आजीविका, आत्मनिर्भरता अऊ आर्थिक स्थिरता के मजबूत नींव रखे हे। 

जिला म 4 हजार 946 तालाब मछली पालन
साल 2000 म जब छत्तीसगढ़ राज्य के गठन होइस, ओ समय बिलासपुर जिला म मछली पालन मुख्यतः पारंपरिक विधि तक सीमित रहिस। ग्रामीण क्षेत्र मन म मत्स्य पालन एक सहायक आजीविका के रूप म देखे जात रहिस। केवल 3 हजार 333 तालाब मछली पालन खातिर पट्टा म देहे गए रहिस अऊ मत्स्य उत्पादन 21 हजार 120 मीट्रिक टन रहिस। पाछू 25 बछर म मत्स्य पालन विभाग, बिलासपुर ह योजनाबद्ध उदीम अऊ नवाचार के माध्यम ले ए क्षेत्र ल नवा दिशा देहे हे। आज जिला म 4 हजार 946 तालाब मछली पालन खातिर उपयोग म हे। पट्टा म जल क्षेत्र के सीमा 5 हजार 679 हेक्टेयर ले बढ़के 10 हजार 960 हेक्टेयर तक पहुँच गए हे। ग्रामीण तालाब मन के संख्या 227 ले बढ़के 4 हजार 884 हो गे हे। ए विस्तार के सबले बड़का प्रभाव मत्स्य उत्पादन उपर पड़े हे, जेन अब 48 हजार 488 मीट्रिक टन तक पहुँच गए हे। 
आधुनिक पद्धति मन ले मछली पालन खातिर किसान मन अऊ युवा मन म आकर्षण
ये केवल आँकड़ा के प्रगति नो हे, बल्कि ये उन हजारों मछुआ परिवार मन के समृद्धि के सूचक हे, जिंकर जीवन म ए योजना ह स्थायित्व अऊ सम्मान जोड़े हे। जिला म मत्स्य पालन ल वैज्ञानिक अऊ व्यावसायिक दृष्टिकोण ले विकसित करे बर कई नवा विधि मनल अपनाए गए हे। ये मां प्रमुख हे- प्लेकटान ग्रोवर तकनीक-810 इकाइ, झींगा पालन इकाइ -517, केज कल्चर यूनिट्स-436, बायोफ्लॉक अऊ पॉन्ड लाइनर पद्धति-जेकर से उत्पादन के गुणवत्ता अऊ मात्रा दुनों म सुधार होय हे। ए आधुनिक पद्धतिय मन ह विशेष रूप ले छोटे किसान मन अऊ युवा मन ल लोभावत करे हे, जेन अब मत्स्य पालन ल एक लाभकारी उद्यम के रूप म देखत हे।

जिला म 8 हजार 980 ले जादा हितग्राही मन ल बीमा सुरक्षा
मत्स्य पालन विभाग ह ये ठउका करे हे के योजना मन के लाभ हर मछुआरा तक पहुँचय। आज जिला म 8 हजार 980 ले जादा हितग्राही बीमा सुरक्षा अऊ बचत सह राहत योजना जइसे योजना मन ले लाभान्वित हो गे हे। संगेच किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम ले वित्तीय सहायता के पहुँच ल घलोक सुलभ बनाय गए हे।

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