मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ह मनखे मन ल दीन बड़का राहत : नगरीय क्षेत्र मन म घर, व्यवसाय अऊ आन प्रयोजन बर अब सहजता ले मिल सकही शासकीय जमीन

  • शासकीय जमीन के आवंटन के प्रक्रिया होइस सरल: कब्जाधारी मन ल मिलही राहत
  • कलेक्टर कर सकही जमीन के आवंटन अउ व्यवस्थापन
  • नगरीय निकाय मन ल व्यावसायिक प्रयोजन बर एक चैथाई दर म उपलब्‍ध होही शासकीय जमीन
  • 15 साल के भू-भाटक एकमुश्त जमा करे म विशेष छूट

रायपुर, 14 जून 2020। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ह नगरीय क्षेत्र मन म शासकीय जमीन म काबिज मनखे मन के संगेच आन मनखे मन ल आवासीय या व्यावसायिक या आन प्रयोजन बर शासकीय जमीन सहजता ले आवंटित हो सकय एखर बर बहुत अकन महत्वपूर्ण निर्णय लेहे हे। जेखर तहत शासकीय जमीन के आवंटन अउ व्यवस्थापन के संबंध म राज्य शासन कोति ले छत्तीसगढ़ राजस्व पुस्तक परिपत्र के खण्ड चार-एक अउ खण्ड चार-2 के प्रावधान मन म आंशिक संशोधन करत एला अब अऊ सरल करके कलेक्टर ल अधिकार प्रत्यायोजित करे गए हे। एखर से जिला स्तर म जमीन आवंटन अउ व्यवस्थापन के मामला मन ल पूरा पारदर्शिता के संग सहजता अउ शीघ्रता ले निराकृत करे जा सकही। जमीन आवंटन के सरलीकृत प्रक्रिया के लाभ कब्जाधारी मन संग आन इच्छुक मनखे मन ल मिल सकही।

राज्य शासन ले केन्द्र अऊ राज्य के विभाग मन अऊ निगम, मंडल अउ आयोग मन ल शासकीय जमीन के आवंटन के अधिकार कलेक्टर मन ल देहे गए हे। नगरीय क्षेत्र मन म 7500 वर्गफीट तक शासकीय जमीन के 30 बछर के पट्टा म आवंटन अऊ अतिक्रमित शासकीय जमीन के व्यवस्थापन के अधिकार घलोक कलेक्टर मन ल देहे गए हे। 7500 वर्गफीट ले जादा शासकीय जमीन के आवंटन अऊ अतिक्रमित शासकीय जमीन के व्यवस्थापन के अधिकार राज्य सरकार ल होही।

नगर अऊ ग्राम निवेश ले अधिसूचित विकास योजना के मुताबिक ही नगरीय क्षेत्र मन म शासकीय जमीन के आवंटन अऊ अतिक्रमित शासकीय जमीन के व्यवस्थापन हो सकही। नगरीय निकाय मन ल व्यावसायिक प्रयोजन बर भू-खण्ड के आवंटन बर प्रब्याजि के निर्धारण प्रचलित गाईड लाइन के 25 प्रतिशत के बराबर मूल्य म करे जाही। शासकीय जमीन के आबंटन कोनो मनखे या संस्था ल करत समय देय प्रब्याजि के निर्धारण प्रचलित गाईडलाईन के आधार म करे जाही। अइसनहे कोनो शासकीय भू-खण्ड के आवंटन बर दू या दू ले जादा मनखे या संस्था के आवेदन प्राप्त होए म प्रचलित गाईडलाईन के दर म निरधारित करे गए प्रीमियम दर ल आफसेट मानत नीलामी के माध्यम ले सर्वाधिक बोली लगइया ल करे जाही। राज्य शासन ह जमीन मालिक या पट्टेदार ल भू-भाटक के अदायगी के मामला म घलोक विशेष रियायत देहे हे। भू-भाटक के राशि के 15 साल के एकमुश्त भुगतान करे म जमीन मालिक या पट्टेदार ल अवइया 15 साल (16वां साल ले 30वां साल तक) के भू-भाटक ले छूट रइही। शासन के ये रियायत ले हर साल भू-भाटक के भुगतान के कठिनाई मन ले घलोक मनखे मन ल राहत मिलही।

सचिव राजस्व अउ आपदा प्रबंधन विभाग ह बताइस के जिला स्तर म शासकीय जमीन के आवंटन अउ अतिक्रमित जमीन के व्यवस्थापन के संबंध म सबो कलेक्टर मन ल जरूरी दिशा-निर्देश देहे गए हे। जमीन आवंटन के संबंध म प्राप्त होए आवेदन मन के परीक्षण जिला स्तरीय समिति कोति ले करे जात हे। उमन बताइस के रियायती अउ गैर रियायती दर म प्राप्त पट्टा मन के जमीन ल भू-स्‍वामी हक म बदलाव बर निरधारित मूल्य ले 2 प्रतिशत अकतहा राशि देना होही। जमीन आवंटन या व्यवस्थापन अऊ जमीन मालिक हक म बदलाव ले संबंधित सबो प्रकरण मन म ईश्तहार प्रकाशन, दावा-आपत्ति के प्रक्रिया अऊ विधिवत सुनवाई करे जाना हे। कलेक्टर जमीन आवंटन अउ व्यवस्थापन के मामला म केवल अइसन जमीन के ही आवंटन कर सकही, जऊन ल लोक बाधा, स्वास्थ्य सुरक्षा, जन सुविधा, लोक प्रयोजन अऊ पर्यावरण संरक्षण के दृष्टि ले सुरक्षित रखे के जरूरत नइ हे। आवंटन करे जा सकइया जमीन के चिन्हांकन करके भुईंया सॉफ्टवेयर म अपलोड कराके शासकीय विभाग मन ल ओ जमीन के जरूरत के संबंध म प्रस्ताव प्राप्त करके आवंटित करे जाही।

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