बस्तर पर्यटन ला नवा दिसा: मेंद्री घूमर जलप्रपात तीर सजही एक भव्य रिसॉर्ट

बस्तर के सुघ्घर जलप्रपात मन ला देखे बर अवइया मनखे मन बर एक नीक खबर हे। चित्रकोट बरोबर सुंदर ‘मेंद्री घूमर’ जलप्रपात तीर अब एक बड़े रिसॉर्ट बनाय के तैयारी सुरु होगे हे, जेखर ले बस्तर पर्यटन ला नवा पहिचान मिलही।

जगदलपुर, बस्तर के प्राकृतिक सुघ्घरई अउ जलप्रपात मन ला निहारे बर अवइया पर्यटक मन बर एक सुखद खबर हे। चित्रकोट बरोबर अपन खूबसूरती बर जाने जात ‘मेंद्री घूमर’ जलप्रपात के तीर जल्दीच एक भव्य रिसॉर्ट बनइया हे। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के कोसिस ले लोहंडीगुड़ा प्रशासन ह ए काम ला तेज कर दे हे। ए योजना बर ग्राम मेंद्री मा स्थित जेल विभाग के जमीन ला अब पर्यटन विभाग के नाँव मा हस्तांतरित करे के प्रक्रिया सुरु होगे हे।
तहसीलदार न्यायालय लोहंडीगुड़ा डहार ले जारी करे गे आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ह मेंद्री घूमर जलप्रपात तीर पर्यटक मन के सुबिधा अउ रिसॉर्ट बनाय बर जमीन आवंटन के अरजी दे रहिस। एखर ऊपर संज्ञान लेवत अभी के सरकारी जमीन ला पर्यटन विभाग ला सौंपे के प्रस्ताव तैयार करे गए हे। प्रशासन ह रिसॉर्ट बनाय बर ग्राम मेंद्री मा खसरा नंबर 50, 77, 179 अउ 184 के तहत कुल 20.28 हेक्टेयर जमीन ला चिन्हित करे हे, जेखर ले ए इलाका मा पर्यटन सुबिधा मन के बड़े विस्तार हो सकही।
जमीन हस्तांतरण के ए प्रक्रिया ला पारदर्शी रखे बर प्रशासन ह आम जनता बर इश्तहार (सूचना) जारी करे हे। एमा साफ कहे गे हे के कहूं कोनो घलोक मनखे, संस्था या विभाग ला ए जमीन ला पर्यटन विभाग ला सौंपे मा कोनो आपत्ति या दावा हे, त ओमन सूचना छपे के 15 दिन के भीतर तहसीलदार न्यायालय, लोहंडीगुड़ा मा खुद या अपन वकील के माध्यम ले लिखित आपत्ति दर्ज करा सकथें। ए मामला के सुनवाई बर आघू 07 फरवरी 2026 के तारीक तय करे हे। प्रशासन ह ये घलो साफ कर दे हे के तय समय के बाद कोनो घलोक आपत्ति ऊपर बिचार नइ करे जाही अउ ये मान लिय जाही के जमीन हस्तांतरण मा कोनो ला कोनो तकलीफ नइ हे, जेखर बाद रिसॉर्ट निर्माण के रद्दा साफ हो जाही।

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