मुख्यमंत्री निवास म हरेली तिहार: श्री साय ह गौरी-गणेश, नवग्रह के पूजा करके भगवान शिव के करिन अभिषेक

मुख्यमंत्री ह प्रदेशवासी मन के सुख-समृद्धि के कामना करिन गाय अउ बछिया ल लोंदी खवाके पशुधन संरक्षण के संदेश दीन
रायपुर, छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के पहिली परब ‘हरेली’ म मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ह आज राजधानी स्थित अपन निवास कार्यालय म गौरी-गणेश, नवग्रह के पूजा करके भगवान शिव के अभिषेक करिन। पहिली पइत मुख्यमंत्री निवास म हरेली पूजा म भिलाई के स्नातक सुश्री धनिष्ठा शर्मा ह अपन बड़े भाई श्री दिव्य शर्मा के संग भगवान शिव के अभिषेक म मंत्रोच्चार करिन, जेखर से मुख्यमंत्री श्री साय अऊ उंखर परिजन समेत जम्मो अतिथि मन प्रभावित होईन।
हरिली के पूजा पाठ म विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, महिला अउ बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाडे अउ राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा घलो शामिल रहिन।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ह खेती किसानी के काम म उपयोग होवइया नांगर, रापा, कुदारी अऊ दूसर कृषि यंत्र मन के विधिवत पूजा-अर्चना करके हरेली तिहार के शुभारंभ करिन अऊ ए बेरा म मुख्यमंत्री श्री साय ह प्रदेश के किसान मन समेत जम्मो छत्तीसगढ़वासी मन के खुशहाली अऊ सुख-समृद्धि के कामना करिन।
मुख्यमंत्री श्री साय ह पशुधन संरक्षण के संदेश के संग गाय अऊ बछरू मन ल पारंपरिक लोंदी अऊ हरियर चारा खवाइन अऊ ए बेरा म ओमन प्रदेशवासी मन ल हरेली परब के शुभकामना दीन।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन के हरेली परब केवल किसान मन के तिहार नो हे, बल्कि ए ह प्रकृति, पर्यावरण अऊ पशुधन ले जुड़े हमर गहिर संबंध ल घलोक दर्शाथे। ए दिन गाय अऊ आने मवेशी मन ल गेहूं के आटा, नमक अऊ अरंडी के पाना ले बने लोंदी खवाए के परंपरा हे। मुख्यमंत्री ह कहिन के छत्तीसगढ़ के संस्कृति म पशु मन ल परिवार के सदस्य माने जाथे।
हरेली के ए तिहार ह हमन ल पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करे अउ ओखर संरक्षण के संकल्प लेहे के प्रेरणा देथे। मुख्यमंत्री ह प्रदेशवासी मन ले अपन परंपरा ले जुड़े अउ पशुधन के देखभाल अउ सुरक्षा ल प्राथमिकता देहे के अपील करिन। मुख्यमंत्री निवास म आयोजित ए बेरा म पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिवेश अउ पूजा-पद्धति के संग लोक संस्कृति के जीवंत झलक देखे बर मिलिस।

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