जिला के वेबसाइट म खाली सरकारी जमीन के जानकारी देहे जाही

गाइडलाइन दर के 102 प्रतिशत जमा करके पावव जमीन भू-वामी हक

दुर्ग, 13 मार्च 2020। भूपेश सरकार कोति ले नगरीय क्षेत्र मन म 7500 वर्गफीट ले कम के शासकीय जमीन के आवंटन के अधिकार कलेक्टर ल देहे गए हे। जिला प्रशासन ह अइसन जमीन के चिन्हारी करत हे अऊ एक-दू दिन के भीतर एला जिला के वेबसाइट म अपलोड कर देहे जाही। ये मा शासकीय जमीन अऊ लोकेशन के पूरा परखर जानकारी होही। आवेदक अब अपन पसंद के सरकारी जमीन ल गाइडलाइन दर के 102 प्रतिशत जमा करके भूमिस्वामी हक पा सकहीं। आवेदन मन के आवेदन के जांच करे के बाद पात्र मनखे ले गाइडलाइन दर ले राशि लेके भूमिस्वामी हक देहे जा सकही। ये जानकारी कलेक्टर श्री अंकित आनंद ह आज चेंबर आफ कामर्स, कॉलोनाइजर अउ आन संस्था मन के प्रतिनिधि मन के बैठक म दीन। उमन कहिन कि जऊन जमीन के संबंध म एक ले जादा आवेदन मिलही त अइसन हालत म नीलामी ले आवंटन हो सकही।

कलेक्टर ह बैठक म कहिन के 20 अगस्त 2017 ले पहिली बेजा-कब्‍जा जमीन बर घलोक गाइडलाइन के 152 प्रतिशत जमा करके भूमिस्वामी हक पाए जा सकही। पात्रता के जांच करके सही पाए म भूमिस्वामी हक देहे जा सकही। कलेक्टर ह कहिन कि रियायती दर म आवंटित जमीन म घलोक 102 प्रतिशत जमा करके भूस्वामी अधिकार पाए जा सकत हे। गैर रियायती दर म आवंटित पट्टा गाइडलाइन मूल्य के दू प्रतिशत देके भूस्वामी अधिकार प्राप्त करे जा सकत हे। आवेदक नजूल जमीन होए म नजूल अधिकारी ल अऊ पटवारी खसरा नंबर के जमीन होए म संबंधित क्षेत्र के एसडीएम ल आवेदन प्रस्तुत कर सकत हे। हम आप ल बता देवन के जिला म नजूल दुर्ग म 691 वर्गमीटर अऊ पटवारी खसरा म 71.90 हेक्टेयर जमीन आवंटन बर उपलब्‍ध हे। बैठक म अपर कलेक्टर श्री बीबी पंचभाई, डिप्टी कलेक्टर अउ नजूल अधिकारी श्री अरूण वर्मा अऊ एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा संग आन अधिकारी उपस्थित रहिन।

प्रतिनिधि मन के जिज्ञासा के समाधान- प्रतिनिधि मन ह पूछिन के कहूं बेजा-कब्‍जा जमीन सड़क तीर म हे या मास्टर प्लान म येमा सड़क के प्रयोजन देखाय हे, त का आवेदन देहे जा सकत हे। ये म कलेक्टर ह कहिन कि आवेदन देहे जा सकत हे। आवेदन म मौका मुआयना करके विचार करे जाही। कहूं मास्टर प्लान ले ये सुसंगत नइ हे फेर परीक्षण के बाद आवेदन तर्कसंगत लगही त ये संबंध म मार्गदर्शन बर अऊ अनुमति बर शासन ल भेजे जाही। प्रतिनिधि मन ह ये घलोक पूछिन के कहूं कोनो समाज शासकीय जमीन चाहत हे त ओला का करना होही। कलेक्टर ह बताइस कि पंजीकृत सोसायटी ले संबंधित आवेदक जऊन ल सोसायटी ह अपन कार्रवाई करे बर अधिकृत करे होवय, वो ह आवेदन दे सकत हे। उद्योगपति मन ह पूछिन कि का अपन उद्योग ले जुड़े शासकीय जमीन ल बढ़ाए बर आवेदन दे सकत हन। त कलेक्टर ह कहिन के शासकीय जमीन बर ये आवेदन देहे जा सकत हे। कुछ प्रतिनिधि मन ह निगम के जमीन के संबंध म घलोक जानकारी मागिन। कलेक्टर ह बताइस कि ये योजना केवल शासकीय जमीन बर लाए गए हे। उमन बताइस के आवेदन मन उपर लउहे कार्रवाई करे जाही।

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