धान के संग सरसों, मछरी अउ कुकुरा पालन ले बाढ़िस आमदनी
सौर पंप, ट्रैक्टर अउ राइस मिल जइसन सुविधा ले खेती होईस आसान
सरकारी योजना मन के लाभ लेके आत्मनिर्भरता के रद्दा म बढ़त हे किसान
बीजापुर, खेती के संग म मवेसी पालन, मछरी पालन अउ बागवानी जइसे काम मन ल एके संग जोड़के आमदनी बढ़ाए अउ जोखिम कम करइ ह एक बढ़िया तरीका हे। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला के गंगालूर तहसील के गांव चेरपाल के रहइया किसान राजैया पसपुल, ददा एंकैया पसपुल ह आधुनिक अउ समन्वित किसानी ल अपनाके खेती ल जादा फायदा वाला बनाए के दिसा म मिसाल पेश करे हे।
लगभग 5 एकड़ खेत म किसानी करइया राजैया ह फसल उत्पादन के संग मछरी अउ कुकुरा पालन ल घलो अपन किसानी के काम ले जोड़े हे। एकर ले ओकर आय के जरिया बाढ़े हे अउ खेती म आत्मनिर्भरता के रद्दा मजबूत होए हे।
राजैया खरीफ सीजन म लगभग 5 एकड़ म धान के खेती करथे। ओ ह 1001, महामाया अउ 1010 जइसे उन्नत धान किसम के उपयोग करत हे। कृषि विभाग ले मिले बीज, खाद अउ माइक्रोन्यूट्रिएंट समेत दूसर सुविधा ले ओ ल बढि़या उत्पादन बर जरूरी सहयोग मिले हे। सिंचाई बर ओकर तीर सौर पंप उपलब्ध हे। एकर अलावा ट्रैक्टर अउ राइस मिल जइसे सुविधा मन ह किसानी के काम ल आसान बनाए हे।
रबी बछर 2025-26 म कृषि विभाग के मार्गदर्शन म राजैया ह एक एकड़ म सरसों के फसल के प्रदर्शन करिस। एकर से ओ ल लगभग 200 किलोग्राम सरसों के उत्पादन मिलिस। धान के संग सरसों जइसे दूसर फसल ल अपनाए ले खेती म विविधिता आईस अउ उपरहा आय के मौका मिलिस।
खेत म फसल के संग मछरी अउ कुकुरा पालन
राजैया ह खेती ल सिरिफ फसल उत्पादन तक सीमित नइ रखिस। ओ ह समन्वित कृषि पद्धति अपनावत मछरी पालन अउ कुकुरा पालन ल घलो खेती ले जोड़े हे। ये पद्धति ले उपलब्ध संसाधन मन के बेहतर उपयोग होत हे अउ परिवार बर आय के उपरहा साधन तइयार होय हे।
सरकारी योजना मन ले खेती ल मिलिस नवा मजबूती
राजैया ल कृषि विभाग के माध्यम ले फेंसिंग, स्प्रिंकलर पाइप, किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा अउ सौर सुजला योजना जइसन कतको सरकारी योजना मन के लाभ मिले हे। ये सुविधा मन ले सिंचाई व्यवस्था मजबूत होए हे अउ खेती के काम पहिली के तुलना म जादा सुभीता होगे हे।
दूसर किसान मन बर बनिस प्रेरणा स्रोत
राजैया बताथे के आधुनिक तकनीक अपनाए, कृषि विभाग ले मार्गदर्शन लेहे अउ सरकारी योजना मन के सही लाभ उठाए ले खेती ल जादा फायदा वाला बनाए जा सकथे। फसल उत्पादन के संग मछरी अउ कुकुरा पालन ल जोड़के ओ अपन किसानी ल समन्वित खेती के रूप देहे हे।
राजैया पसपुल के ये सफलता बताथे के खेती म विविधिता, आधुनिक तकनीक अउ सरकारी योजना मन के तालमेल किसान मन ल आत्मनिर्भर बनाए म महत्तम भूमिका निभा सकथे। ओकर पहल बीजापुर जिला के दूसर किसान मन बर घलो प्रेरणा के उदाहरण बनत हे।

