भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र अउ बहिनी सुभद्रा जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा ले मौसीबाड़ी पहुंचिन, 9 वां दिन होही भव्य वापसी
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रथयात्रा म होइन सामिल, निभाईन छेरा-पहरा के रसम
रायपुर, जशपुर ज़िला के ऐतिहासिक अउ प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा म ए साल घलोक रथयात्रा महोत्सव के आयोजन परंपरागत श्रद्धा, भक्ति अऊ भव्यता के संग करे गीस। मंदिर ले रथ यात्रा के रवाना होए के पहिली मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अउ उंखर धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ह जगन्नाथ मंदिर म पूरा विधि-विधान ले भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र अउ बहिनी सुभद्रा के पूजा-अर्चना करके प्रदेशवासी मन के सुख, समृद्धि अऊ कल्याण के मंगलकामना करिन। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ह झाडू (बहिरी) ले रथयात्रा के रद्दा ल बहारके छेरा-पहरा के रसम निभाईन।
मुख्यमंत्री श्री साय ह हजारों श्रद्धालु मन के संग भक्तिभावपूर्वक रथ यात्रा म भाग लीन। श्रद्धालु मन ह भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र अउ बहिनी सुभद्रा के रथ के रस्सी खींचके आगू बढ़ाइन। पूरा वातावरण जय जगन्नाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन अऊ भक्तिमय उल्लास ले गूंज उठिस। रथ यात्रा मुख्य मार्ग ले होत मौसीबाड़ी पहुंचिस। भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र अउ बहिनी सुभद्रा नौ दिन तक अपन मौसी के घर मौसीबाड़ी म विराजमान रइहीं। नौवा दिन 5 जुलाई के शुभ वापसी श्री जगन्नाथ मंदिर, दोकड़ा म होही। ये आयोजन ओडिशा के पुरी धाम के परंपरा के मुताबिक आयोजित करे जाथे।
दोकड़ा म सन् 1942 ले जारी हे रथ यात्रा के परंपरा
रथ यात्रा के शुरुआत दोकड़ा म साल 1942 म होए रहिस। एखर शुरूआत स्वर्गीय श्री सुदर्शन सतपथी अउ उंखर धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती सुशीला सतपथी कोति ले श्रद्धा अऊ समर्पण के संग करे गए रहिस। तब ले ये परंपरा सरलग श्रद्धा अऊ उत्साह के संग निर्विघ्न रूप ले जारी हे। समय के संग ये आयोजन अब एक भव्य धार्मिक मेला के रूप ले चुके हे, जेमां श्रद्धालु मन के विशाल सहभागिता देखे ल मिलथे।
रथ यात्रा के पावन अवसर म ओडिशा ले आमंत्रित कीर्तन मंडली मन ह भक्ति संगीत के मनमोहक प्रस्तुति देथें, जेखर से वातावरण भक्तिमय हो उठथे। संगेच रथ यात्रा म बहुत अकन धार्मिक अउ सांस्कृतिक झांकी घलोक सामिल रहिथे, जेन भगवान श्री जगन्नाथ के महिमा अऊ हमर सांस्कृतिक विविधता के भव्यता ल बहुत आकर्षक रूप म प्रदर्शित करथे।
परंपरागत श्रद्धा-भक्ति अऊ उल्लास के वातावरण म निकाले गीस भव्य रथयात्रा

