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बिहान योजना ले आत्मनिर्भर बनिस ग्राम झलमला के जानकी धुर्वे

Bihan Yojana Success Story Chhattisgarh

योजना ले मजबूत होत हें गाँव के महिला मन, बढ़िस आमदनी

बिहान योजना ह छत्तीसगढ़ के गाँव-गाँव मा महिला मन ला आत्मनिर्भर बनाय के काम करत हे। कबीरधाम जिला के झलमला गाँव के जानकी धुर्वे ह साग-भाजी के खेती ले अपन जिनगी बदल डारे हे अउ आज दूसर मन बर प्रेरणा बन गे हे।

कबीरधाम, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ गाँव के महिला मन ला अपन गोड़ मा खड़ा करे बर एक बड़े कोसिस आय। ये योजना ले जुड़ के महिला मन अपन हुनर अउ मेहनत ले कमाई के नवा रद्दा खोजत हें। अइसने एक कहनी हे कबीरधाम जिला के ग्राम झलमला के जानकी धुर्वे के, जे ह खुद सहायता समूह अउ बिहान योजना के मदद ले साग-भाजी उगाय के काम सुरु करिस। आज ओ ह नइ केवल अपन कमाई बढ़ा लीस हे, बल्कि आत्मनिर्भरता के एक मिसाल घलो बन गे हे।
श्रीमती जानकी धुर्वे साल 2013 ले बिहान योजना ले जुड़े हे अउ “माँ शीतला खुद सहायता समूह” के सदस्य आय। समूह मा आय के बाद ओ ह पैसा बचाना सीखिस अउ जरूरत के बखत ओला करजा (ऋण) घलो मिलिस। काम-धंधा सुरु करे बर ओ ह समूह ले 1 लाख रूपिया के करजा लीस। ए पइसा ले जानकी ह साग-भाजी के खेती सुरु करिस। ओ ह भँटा, पत्ता गोभी अउ आलू बोइस। मेहनत अउ सही देख-रेख ले फसल ह बहुते नीक होइस। ओ ह अपन भाजी-पाला ला आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल के मध्यान्ह भोजन, स्थानीय बजार अउ मंडी मा बेचथे। बजार असानी ले मिल जाय के सेती ओला नीक दाम घलो मिलथे।
आज जानकी धुर्वे हर साल लगभग 1.5 ले 2 लाख रूपिया तक कमावत हे। ए कमाई ले ओ ह बखत मा करजा ला पटावत हे अउ अपन परिवार के जरूरत मन ला घलो बढ़िया ढंग ले पूरा करत हे।
श्रीमती जानकी धुर्वे ह आघू ‘एकीकृत फार्मिंग क्लस्टर’ के तहत साग-भाजी के काम ला अउ बढ़ाय के योजना बनावत हे। आवइया समय मा ओ ह टमाटुर अउ पियाज के खेती घलो सुरु करही, जेखर ले ओखर आमदनी अउ बढ़ही। बिहान योजना, खुद सहायता समूह अउ महिला मन के मेहनत ले गाँव के महिला मन आत्मनिर्भर बन सकथें। आज जानकी धुर्वे नइ केवल अपन परिवार के सहारा बन गे हे, बल्कि गाँव के दूसर महिला मन बर घलो एक उधाहरण आय।

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