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जशपुर के माटी अब उगलही सोना! महुआ अउ कोदो-कुटकी ले बदलही तकदीर, जानव कइसे?

जशपुर GG Digital News Desk, जशपुर जिला अब नवा पहचान बनाए बर तियार हे। अब इहाँ के खेत-खार म उपजे अनाज अउ जंगल के महुआ सिरिफ कच्चा माल नई रहि जाय, बल्कि ओखर से बड़े-बड़े फैक्ट्री वाले सामान बनही। हरियाणा के कुंडली ले आए ‘निफ्टेम’ (NIFTEM) संस्थान के टीम ह जशपुर ल ‘फूड प्रोसेसिंग हब’ बनाए बर बीड़ा उठाए हे।

का होवत हे खास?
निफ्टेम के टीम, जेमा 18 छात्र अउ बड़े प्रोफेसर सामिल रिहिन, ओमन सरलग तीसर साल जशपुर के दौरा करिन। ओमन कुनकुरी के कृषि कॉलेज म एक ठन ट्रेनिंग सेंटर खोलिन। इहाँ गाँव के लइका अउ महिला मन ल कोदो-कुटकी अउ रागी ले बिस्कुट, केक, अउ सूजी वाला पास्ता बनाए के गुर (ट्रेनिंग) सिखाए गीस। खुशी के बात ये हे के ट्रेनिंग लेवइया 96 झन म ले जादा तर (65%) हमर दीदी-बहिनी मन रिहिन। ओमन ल सामान ल पेक करे अउ बजार म बेचे के तरीका घलो बताय गीस।

महुआ के होइस तारीफ
जशपुर के ‘महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ देख के बाहर ले आए टीम गदगद हो गे। उहाँ महुआ ले बने च्यवनप्राश, चाय अउ अलग-अलग किसम के नास्ता देख के ओमन खूब तारीफ करिन। ‘जय जंगल’ संस्था डहर ले चलाए जावत ये सेंटर म महिला मन ल रोजगार मिलत हे।

जशपुर म कुबेर के खजाना
टीम ह बताइस के जशपुर के जलवायु म जादू हे। इहाँ धान, कोदो, कुटकी, लीची, चाय, काजू अउ महुआ खूब होथे। एखर ‘प्रोसेसिंग’ करके अगर ‘स्नैक्स’ अउ ‘एनर्जी बार’ बनाए जाए, त ये खराब नई होवय अउ किसान ल दाम घलो बढ़िया मिलही।

टीम ह अपन पूरा रिपोर्ट कलेक्टर ल सौंप देहे हें। मतलब साफ हे, अवइया समय म जशपुर के विकास के गाड़ी सरपट दौड़ही अउ इहाँ के लोगन ल रोजगार बर बाहर नइ जाए ल परय।

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