जशपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशा के मुताबिक, मुख्य चिकित्सा अऊ स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन म जशपुर जिला चिकित्सालय म आमजनता ल उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराए म सरलग आगू बढ़त हे। इही क्रम म बगीचा विकासखण्ड के ग्राम टुटटोली रहवइया 51 वर्षीय श्री रेचा राम के जीवनरक्षक उपचार करके ओ ल नवा जिंदगी देहे गीस। श्री रेचा राम ल एक साल ले जादा समय ले सांस लेहे म दिक्कत, छाती म पीरा अऊ सरलग खांसी के शिकायत रहिस। प्रारंभिक जांच बर ओ ल जिला चिकित्सालय अंबिकापुर लेगे गीस, जिहां एक्स-रे म जेवनी फेफड़ा म तरल पदार्थ जमे के स्थिति (प्लूरल इंफ्यूजन) पाए गीस अऊ भर्ती करे के सलाह देहे गीस। उपचार अधूरा छोड़के वो अपन गांव लहुट आइस।
एखर बाद 21 जुलाई 2025 के ऊंखर परिजन ओ ल जशपुर जिला चिकित्सालय लेके पहुंचिन, जिहां चिकित्सा अधिकारी अऊ जिला नोडल अधिकारी (आईडीएसपी) ह मरीज के गंभीर स्थिति ल देखत तुरंते जरूरी लैब जांच अऊ एक्स-रे करवाइस। रिपोट म दाहिना फेफड़ा म पस के बहुत जमाव के पुस्टि होइस। हालत बिगड़े के पहिलीच चिकित्सक ह खुद थोरैसेंटेसिस प्रक्रिया अपनाके पातर सुजी के माध्यम ले फेफड़ा अऊ छाती के भिथिया के बीच ले लगभग 1.5 लीटर तरल पदार्थ निकालके जरूरी जीवन रक्षक दवइ दीस। समय म उपचार ले मरीज के जान बच गे। मरीज अऊ परिजन मन ह डॉक्टर अऊ जिला चिकित्सालय प्रबंधन के प्रतिकृतज्ञता व्यक्त करे हे।
डॉ. अग्रवाल ह जानकारी दीस के प्लूरल इंफ्यूजन अक्सर कोनो गंभीर अंतर्निहित बीमारी के लक्षण होथे, जेखर सामान्य कारन म हृदय विफलता, निमोनिया, कैंसर, फेफड़ा म रक्त के थक्का, यकृत या गुर्दा के बीमारी सामिल होथे। समय म उपचार नइ होए म ये सांस लेहे म बहुत कठिनाई, सीना म तेज दर्द, बेचैनी, संक्रमण, फेफड़ा के फाइब्रोसिस जइसे जटिलता पैदा कर सकत हे, जेन जीवन बर घातक सिद्ध हो सकत हे।
जशपुर जिला चिकित्सालय म रेचा राम के सफल ऑपरेशन

